नर्सरी दाखिले की पहली सूची देखते अभिभावक।
प्राइवेट स्कूलों में दाखिले की राह ताक रहे बच्चों को झटका मिल सकता है। क्योंकि अब प्राइवेट स्कूलों ने सरकार के सामने अजीब शर्त रख दी है। जिससे पार पाना सरकार के लिए मुश्किल भरा हो गया है। नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों को निशुल्क पढ़ाने का ख्वाब देख रहे अभिभावकों को झटका लग सकता है। प्रदेश सरकार के खिलाफ दाखिलो को लेकर निजी स्कूल संचालक भी अड़ गए हैं।
उनकी मांग है कि अगर इस बार सरकार ने प्रति बच्चा 2300 रुपये प्रतिमाह नहीं दिया तो वे दाखिले रोकेंगे। ऐेसे में पिछले कुछ वर्षों की तरह अब की बार भी स्कूलों में नियम-134 ए के तहत दाखिले की राह देख रहे विद्यार्थियों को झटका लगा सकता है। दरअसल, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के नेतृत्व में शहर के निजी स्कूलों के संचालक शनिवार दोपहर 3:30 बजे मानसरोवर पार्क में एकजुट हुए। इस दौरान मान्यता के साथ नियम-134ए और अपग्रेडेशन संबंधी मामले में विचार विमर्श किया।
शाम 4:30 बजे सभी निजी स्कूल संचालक मंत्री मनीष ग्रोवर के कार्यालय पहुंचे। मंत्री के न होने पर कार्यालय सचिव सतीश अरोड़ा को सीएम के नाम ज्ञापन दिया। संघ के प्रधान रविंद्र नांदल ने कहा कि इन सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, नहीं तो निजी स्कूल आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि सरकार द्वारा एक अप्रैल को स्कूल बसों से संबंधित जो आदेश दिए गए हैं, वे वापस लिए जाए।