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प्राइवेट स्कूलों की मनमानियों पर यूटी प्रशासन की ये कैसी कार्रवाई?

Sun, 24 Apr 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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भारी स्कूल बैग - फोटो : amar ujala
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शहर के प्राइवेट स्कूलों की ओर से निजी पब्लिशर्स की किताबें लगाने, कैंपस में बुकशॉप खोलने और मनमाने रेट पर ड्रेस और अन्य सामान बेचने के मामले में यूटी प्रशासन के अधिकारी सिर्फ नोटिस देने का दिखावा कर रहे हैं। अभी तक शिक्षा विभाग ने किसी भी प्राइवेट स्कूल के खिलाफ कोई सख्त एक्शन नहीं लिया है।
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निजी पब्लिशर्स की किताबें लगवाने का मामला पहले से जारी है। लेकिन शिक्षा विभाग के अफसरों ने खुद किसी प्राइवेट स्कूल में जाकर जांच करने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में यूटी प्रशासन के अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। नोटिस की कार्रवाई मात्र दिखावा लग रही है। शुक्रवार को भी नई दिल्ली माइनोरिटी कमीशन के सामने यूटी प्रशासन के अफसर मामले को सख्ती के साथ पेश नहीं कर पाए और उनसे प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ दोबारा जवाब जवाब मांगा गया। 

यूटी में चल रहे करीब 85 प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा विभाग से हर 2-3 साल बाद मान्यता लेनी पड़ती है। विभाग आंखें बंद कर बिनी किसी चेकिंग के मान्यता की सीमा अवधि आगे बढ़ाता रहता है। 
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नोटिस का जवाब आने के बाद करेंगे कार्रवाई 
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) से जब प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई नहीं किए जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि स्कूलों को पहले अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। सोमवार तक बचे हुए प्राइवेट स्कूलों को जवाब देने का समय दिया है। बराड़ के अनुसार पूरे मामले में एक कमेटी किसी भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लेगी। इस संबंध में शिक्षा सचिव को भी पूरी जानकारी दी जा चुकी है। 

सीबीएसई रीजनल सेंटर भी चुप 
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के मामले में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की पंचूकला स्थित सीबीएसई रीजनल सेंटर के अधिकारियों के साथ हफ्ते भर पहले मीटिंग हुई। लेकिन अभी तक मामले में सीबीएसई ने कोई कार्रवाई नहीं की है। रीजनल सेंटर हेड आरजे खांडेराव ने कहा कि वह अभी दिल्ली में है, इस मामले में जरूर बात करेंगे। 
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अगले साल शिक्षा विभाग से लेनी होगी अनुमति

मेंटेनेंस न होने से होती हैं दुर्घटनाएं - फोटो : Demo
सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग के पास इस सत्र में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ निजी पब्लिशर्स की किताबें हटाने का कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा। अफसरों के अनुसार 2017 में सभी प्राइवेट स्कूलों के लिए नियम बनाया जाएगा, ताकि वह सिलेबस में लगने वाली किताबों के मामले में मनमर्जी न कर सकें। उन्हें निजी पब्लिशर्स के लिए विभाग से अनुमति लेनी होगी। इस संबंध में जल्द ही एक कमेटी गठित की जाएगी। 

सीबीएसई गठित करेगा कमेटी 
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के अनुसार सीबीएसई जल्द ही मामले में कार्रवाई कर सकता है। जानकारी के अनुसार अगले हफ्ते तक सीबीएसई प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जांच और कार्रवाई के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश जारी करेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सीबीएसई अधिकारियों की बातचीत हो चुकी है। 
 
कोट
निजी पब्लिशर्स की किताबों के बारे में शिकायतें आने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में सीधे तौर पर शिक्षा विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। विभाग जल्द ही इस संबंध में पॉलिसी तैयार करेगा। प्राइवेट स्कूलों को सोमवार तक नोटिस का जवाब देने का समय दिया गया है। उसके बाद सभी स्कूलों की जांच होगी।  
-रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़।
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