प्राइवेट स्कूली की मनमानी के मामले में जांच कमेटी ने डीएचई को सौंपी रिपोर्ट में दिए कई अहम सुझाव। दरअसल फीस, किताबें और ड्रेस के नाम पर मनमानी करने के मामले में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ की जांच की रिपोर्ट डायरेक्टर हायर एजुकेशन जितेंद्र यादव को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार कमेटी ने जांच रिपोर्ट में कार्रवाई के नाम पर सिर्फ सुझाव दिए हैं।
ऐसे में जांच रिपोर्ट पर सवाल उठना तय है। जांच रिपोर्ट में किसी भी प्राइवेट स्कूल पर कार्रवाई की अनुशंसा नहीं की गई है। जांच रिपोर्ट को लेकर विभागीय अधिकारियों ने कुछ भी कमेंट करने से मना कर दिया है। पूरे मामले की जांच के मुख्य अधिकारी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) 26 जून तक विदेश (अमेरिका) गए हुए हैं। ऐसे में अभी जांच रिपोर्ट पर किसी तरह की कार्रवाई मुमकिन नहीं लगती।
सूत्रों के अनुसार सरोज मित्तल कमेटी की जांच रिपोर्ट के मुख्य बिंदू इस प्रकार हैं।
-इस्टेट ऑफिस स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अलॉटमेंट रद्द करने की सिफारिश करेगा ।
- महंगी ड्रेस के मामले में एक्साइज विभाग कार्रवाई करे।
-बसों की फीस पर भी स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी(एसटीए) कार्रवाई करेगा।
-अभिभावकों की प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिकायतों के लिए स्थायी कमेटी बनाई जाए।
-अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों को फीस एडजेस्ट करने के लिए नोटिस जारी किया जाए।
- कोई भी स्कूल किसी एक बुकशॉप से किताबें खरीदने के लिए नहीं कहेगा।
-शहर में 6 से 7 बुक शॉप पर एक ही स्कूल की बुक्स होनी चाहिए।
-प्राइवेट स्कूलों पर नकेल कसने के लिए स्थायी मैकेनिज्म तैयार करने का कमेटी ने सुझाव दिए हैं।
-प्राइवेट स्कूलों को किताबें की लिस्ट तीन महीने पहले ही वेबसाइट पर विभाग से अनुमति लेकर जारी करनी होगी।
-स्कूलों की फीस की पूरी जानकारी वेबसाइट पर जारी करनी होगी।
-सीबीएसई द्वारा फीस और अन्य खर्चे को लेकर जारी सर्कुलर को प्राइवेट स्कूलों को फालो करना होगा।
-हर साल स्कूल एडमिशन फीस नहीं वसूल सकते।
32 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ 100 शिकायतें शहर के 32 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ 100 शिकायतें शिक्षा विभाग के पास पहुंची थी। बाद में सही तरीके से भेजी गई शिकायतों की संख्या 76 के करीब रह गई। जांच कमेटी ने सभी शिकायतों पर मंथन कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। लेकिन शिकायतों को लेकर कमेटी ने स्कूल में जाकर या अभिभावकों से कोई बातचीत नहीं की है। कमेटी ने अपने स्तर पर ही पूरी जांच की है।
कमेटी ने बार बार लटकाई जांच रिपोर्ट डीएसई रूबिंदरजीत सिंह बराड़ द्वारा डिप्टी डायरेक्टर स्कूल सरोज मित्तल की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी को 20 मई तक जांच रिपोर्ट देनी थी। लेकिन कमेटी ने तीन बार निर्धारित समय पर जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी। मामले में शिक्षा विभाग पर लगातार प्राइवेट स्कूलों को बचाने का आरोप लगता रहा है।
जितेंद्र यादव, डायरेक्टर हायर एजुकेशन ने बताया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट मुझे मिल गई है, लेकिन अभी मैंने जांच रिपोर्ट को नहीं देखी है। सोमवार को रिपोर्ट पढ़ने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा ।
सर्वजीत सिंह ,शिक्षा सचिव यूटी ने बताया कि मेरे पास अभी रिपोर्ट नहीं आई है। सोमवार को डीएचई से रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।