आगे उन्होंने कहा कि 'प्रिमियम 350 गुना तक बढ़ गया। किसानों को केवल 0.42 फीसदी ही मिला। इसके बारे में सोचें। लगभग 2,80,000 किसान सोया की खेती से जुड़े हैं। अगर सारी फसल खराब हो जाए तो प्रीमियम 173 करोड़ रुपये लिया गया है जबकि किसानों को मिलेंगे केवल 30 करोड़ रुपये। निजी बीमा कंपनियों को सीधे तौर पर 143 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा। किसान कड़ी मेहनत करता है। उनकी कड़ी मेहनत का फल कंपनियों को मिलता है।'
केंद्र अहंकार छोड़ कानून रद्द करे : नवजोत कौर
नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार अपना अहंकार त्यागकर कृषि कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। उन्होंने कहा देश कृषि क्षेत्र को कॉरपोरेट कंपनियों के पास गिरवी रखना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि किसानों की सफलता के संघर्ष का सेहरा सिर्फ इस बात पर जाता है कि उन्होंने सियासी लोगों को अपने मंच पर चढ़ने नहीं दिया।
किसान संगठन सियासी लोगों को धरने में शामिल ही न करें। सिद्धू ने कहा कि जब भी पंजाब पर संकट आया है पंजाबियों ने सबसे आगे रहकर संकट का निवारण किया है और हमेशा जीत हासिल की है। केंद्र सरकार अपनी गलत नीतियों से किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। देश-विदेश के लोग भी किसानों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं और उनके संघर्ष में शामिल होकर किसानों को उनका हक दिलवाने की बात कर रहे हैं। लोगों के जोश के आगे केंद्र सरकार को झुकना पड़ेगा और कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ेगा।