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Chandigarh News: कैदियों को अब जेल में बने सामान के मुनाफे में मिलेगा 40 प्रतिशत लाभ

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चंडीगढ़। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कैदियों को अब हिमाचल की तर्ज पर जेल में बने सामान की बिक्री से होने वाले मुनाफे का 40 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। हाईकोर्ट ने सुझाव दिया था कि हिमाचल की तर्ज पर कैदियों को लाभ देने पर विचार किया जाए, जिस पर तीनों ने सहमति दे दी है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बठिंडा जेल में बंद एक कैदी की रिहाई की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर संज्ञान लेते हुए कैदियों के हितों पर सुनवाई आरंभ की थी। इस मामले में अदालत के सहयोग के लिए सीनियर एडवोकेट रीता कोहली को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया था कि जेल में काम कर रहे विचाराधीन कैदियों और दोषियों को जेल में निर्मित उत्पादों की बिक्री से कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

हाईकोर्ट ने मनोवैज्ञानिकों से रिपोर्ट प्राप्त करने का प्रयास किया और पाया कि ये युवा विचाराधीन और दोषी कैदी गुस्से मानसिक दबाव से पीड़ित हैं। अदालत को एमिकस क्यूरी ने बताया कि 2021 में हिमाचल जेल विभाग ने एक योजना लागू की थी जिसके माध्यम से कैदियों को लाभ का हिस्सा दिया जाता है। इस मामले में हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया था कि अकुशल कैदियों को मुनाफे का 5 और कुशल कैदियों को 10 प्रतिशत देने के लिए नीति बनाई जा रही है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि कैदियों के बनाए उत्पादों से सरकार पैसा बना रही है तो ऐसे में कैदियों को हिमाचल की तर्ज पर 40 प्रतिशत लाभांश देने में आपत्ति क्यों है। हाईकोर्ट ने कहा था कि ज्यादातर कैदी अपने परिवार की चिंता के कारण तनाव का शिकार होते हैं। यदि कैदियों को मुनाफे में हिस्सा मिलेगा तो यह राशि वह अपने परिवार वालों को भेज सकेंगे और परिवार के प्रति उनकी चिंता कम होगी। अब इस मामले में पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया है कि उत्पादों की बिक्री से होने वाले मुनाफे का 40 प्रतिशत हिस्सा कैदियों के खाते में जमा किया जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि 40 प्रतिशत मुनाफा कैदियों को देने की योजना तैयार की है, लेकिन इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि चंडीगढ़ प्रशासन की योजना को तीन महीने के भीतर मंजूरी प्रदान की जाए।
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