जेल अधिकारी ने बताया कि हरे रोज से हर्बल गुलाल तैयार किया जाता है। अगर रंग शरीर के अंदर चला जाए तब भी कोई नुकसान नहीं होता। हर्बल गुलाल का 100 ग्राम का पैकेट 20 रुपये और 200 ग्राम का पैकेट 40 रुपये है। हर वर्ष हर्बल गुलाल की खूब ब्रिकी होती है।
जेल अधिकारी ने बताया कि कैदियों द्वारा बनाई गई मिठाई इतनी पसंद की जाती है कि दिवाली पर गवर्नर हाउस, नगर निगम और अन्य विभागों से सैकड़ों डिब्बों का ऑर्डर आता है। एडवांस में ही त्योहारों पर बुकिंग शुरू हो जाती है। जेल में साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है। खुद वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में मिठाई तैयार की जाती है।