कैदियों द्वारा लेडी कांस्टेबलों पर भद्दी टिप्पणियां करने, अश्लील इशारे करने और सरकारी काम में बाधा डालने का अपनी तरह का एक मामला सामने आया है। चंडीगढ़ जिला अदालत में पेशी पर आने वाले कैदियों के द्वारा आते-जाते वक्त बस में शोर मचाने, आते-जाते लोगों पर भद्दी टिप्पणी करने और महिलाओं पर गंदी टिप्पणी करने की शिकायतें रोजाना आती रहती हैं, लेकिन इस बार ऐसे ही एक मामले में सब-इंस्पेक्टर ने जिला अदालत में आपराधिक शिकायत दायर की है।
ताजा मामला जिला अदालत में पेशी पर आए सात कैदियों के खिलाफ तीन महिला कांस्टेबलों पर भद्दी टिप्पणी, अश्लील इशारे और सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने की धारा के तहत सीजेएम कोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत का है। सोमवार को इस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने सातों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। साथ ही अगली सुनवाई पर शिकायतकर्ता लेडी कांस्टेबलों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
उनके बयान दर्ज होने के बाद अदालत शिकायत पर फैसला लेगी। बख्शीखाने में तैनात एसआई रघुवीर सिंह की ओर से सीजेएम कोर्ट में आकाश, रोहित, आशु, विकास उर्फ शेरा, मोहम्मद इफरान, तेज प्रताप और साहिल के खिलाफ आपराधिक शिकायत दायर की गई है।
लेडी कांस्टेबल ने शिकायत में ये सब कहा
prisoners molestated lady constable
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
शिकायत के अनुसार पिछले महीने 20 अक्तूबर की शाम को सभी कैदियों को अदालत में पेशी के बाद जेल ले जाया जा रहा था। उक्त आरोपी एक ही बस में थे। वहीं, उनके साथ दूसरी बस चल रही थी जिसमें महिला कैदियों को पेशी के बाद ले जाया जा रहा था। जब दोनों बसों को जिला अदालत परिसर से ले जाया गया तो एक बस में बैठे उक्त सातों कैदियों ने महिला कांस्टेबलों और महिला कैदियों पर भद्दी टिप्पणी करनी शुरू कर दी। साथ ही उन्हें अश्लील इशारे करने लगे।
महिला कांस्टेबलों ने बाद में इसकी शिकायत बख्शीखाने में तैनात सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर से की। इसके बाद 23 अक्तूबर को सीजेएम कोर्ट में सातों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दायर की गई। अदालत ने इसे सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए पुलिस से मामले में चार्जशीट दायर करने को कहा। सोमवार को पुलिस ने मामले में सातों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 186, 294 और 509 के तहत चार्जशीट दायर की।
इसमें पुलिस की ओर से 4 गवाह बनाए गए हैं। इनमें तीन लेडी कांस्टेबल और एक एसआई शामिल है। अदालत ने सभी सातों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर अगली सुनवाई के लिए 15 तारीख तय की है। साथ ही उस दिन तीनों लेडी कांस्टेबलों को गवाही के लिए बुलाया है। इनकी गवाही के बाद अदालत मामले में उसी दिन फैसला सुनाएगी।