तिनका तिनका अवार्ड पाने वाला कैदी अशोक कुमार।
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कोरोना काल में जब सब कुछ बंद था, तब बुड़ैल मॉडल जेल के कैदी अशोक कुमार रोजाना तीन परत के सैंकड़ों मास्क बनाते थे। अब उनके इस अच्छे काम के लिए उन्हें तिनका-तिनका अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड तिनका-तिनका फाउंडेशन की तरफ से दिया गया है, जो देश भर की सभी जेलों में कैदियों के लिए काम करती है और हर वर्ष उनके विशेष कार्यों के लिए पुरस्कार देती है।
मार्च 2020 में अशोक कुमार (36) को जिला अदालत ने धारा-304 (गैरइरादतन हत्या) और 427 (संपत्ति को हानि पहुंचाना) के तहत सजा सुनाई थी। वह बुड़ैल मॉडल जेल में बंद हैं। कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के बाद शहर में मास्क की डिमांड तेजी से बढ़ने लगी। चंडीगढ़ जेल प्रशासन ने भी मास्क बनाने का फैसला लिया। दर्जी का काम जानने वाले अशोक कुमार ने इस काम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और दूसरे कैदियों के साथ मिलकर निष्ठा के साथ काम किया। इसी कारण जेल प्रशासन की तरफ से अशोक के साथ-साथ चार अन्य कैदियों के नाम फाउंडेशन को भेजे थे।
रोजाना बनाते हैं 250 मास्क
कोरोना काल के दौरान बुड़ैल जेल में बंद कैदियों ने करीब 1.60 लाख मास्क बनाए। अशोक कुमार अकेले रोजाना करीब 250 से ज्यादा मास्क बनाते थे, जो अन्य कैदियों के मुकाबले काफी ज्यादा थे। इसके अलावा वह गाउन भी बनाते थे। उनके द्वारा बनाए गए मास्क भी काफी अच्छे थे। जेल अधिकारियों के अनुसार, कैदियों को रोजाना 120 रुपये के हिसाब से मजदूरी दी जाती है।
इन संस्थानों में भेजे गए मास्क
जेलों में बनाए गए मास्क जेल प्रशासन ने जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32, पीजीआई, पुलिस विभाग, नगर निगम, खेल विभाग समेत उपायुक्त कार्यालय में दिए थे। इसके अलावा ये मास्क आम जनता के लिए सेक्टर-22 में स्थित सृजन शॉप पर महज 10 रुपये में उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
कोरोना काल में कैदी अशोक कुमार ने मास्क बनाने पर बेहतरीन काम किया है। मॉडल जेल में बंद दूसरी बार किसी कैदी को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान किया गया है। -विराट, एडिशनल आईजी, बुड़ैल जेल चंडीगढ़