हरियाणा की जेलों में बंद कैदियों की अदालत में पेशी अब वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होगी। अभी कुछ ही जेलों से कैदियों की पेशी इस माध्यम से हो रही है।
इस वर्ष के अंत तक सरकार का प्रयास है कि जेलों में बंद कैदियों की पेशी वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से हो। जिससे पेशी पर जाने वाले कैदियों के साथ जाने वाले भारी पुलिस बल से राहत मिलेगा, साथ ही सरकारी धन भी कम खर्च होगा।
राज्य की 19 जेलों में यह सुविधा चालू है, लेकिन सरकार का प्रयास है कि सभी जेलों में यह शुरू करवा दिया जाए। पेशी पर जाने वाले कैदी कई बार रंजिश का शिकार हो जाते हैं, जिसके चलते यह प्रयास किया जा रहा है। 31 अगस्त 2013 तक 92 हजार 900 कैदियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई है।
हरियाणा गृह विभाग का यह प्रयास है कि कैदी जेलों से कम बाहर निकलें और उन्हें आवश्यक सुविधाएं जेलों के भीतर ही मुहैया करवा दिया जाए। इस कड़ी में जेल के भीतर टेलीफोन से बात करवाने की सुविधा की शुरूआत विभाग कर चुका है। इसे बड़े पैमाने पर करने के लिए प्रयास जारी हैं।