पंजाब के कई जिलों में तेज बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में रिहायशी एरिया के साथ ही स्कूलों को भी नुकसान पहुंचा है। कई स्कूलों में बच्चों को दोपहर के समय परोसे जाना वाला मिड डे मील तक खराब हो गया है। वहीं, स्कूलों में यह सामान कितना खराब हुआ है इसका हिसाब प्रिंसिपलों को वीडियो बनाकर शिक्षा विभाग को भेजना होगा। यह फरमान शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों को दिया गया है।
साथ ही उन्हें हिदायत दी गई है कि विद्यार्थियों को मिड डे मील के रूप में पौष्टिक खाना ही परोसा जाए। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग की तरफ से प्रिंसिपलों को हिदायत दी गई कि सबसे पहले वह यह चेक करें कि स्कूलों में मिड डे मील के लिए आया अनाज प्रयोग योग्य है नहीं। अगर अनाज प्रयोग योग्य नहीं होगा तो उन्हें पहले स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को सूचित करना होगा। फिर खराब हुए अनाज की वीडियोग्राफी की जाए।
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अनाज की स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के मेंबरों की मौजूदगी में रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही उसके बाद एक प्रस्ताव पास कर अनाज को खत्म करने की प्रक्रिया की जाए वीडियोग्राफी इसलिए तय की है, ताकि जरूरत पड़ने पर सारी स्थिति का आकलन किया जा सके। यही रिकॉर्ड प्रिंसिपलों को वीडियोग्राफी के साथ विभाग को देना होगा। अगर स्कूल प्रिंसिपल ऐसा नहीं करते है तो भविष्य में भरपाई उनसे करवाई जाएगी। यह सारा रिकॉर्ड आगे बीडीपीओ देखेगा साथ ही नुकसान की मात्रा को निर्धारित करेगा। सूबे में करीब 12500 सरकारी स्कूलों में 25 लाख विद्यार्थियों को मिड डे मील परोसा जाता है।
पानी की टंकियों को भी करना होगा साफ
विभाग ने पत्र में लिखा है कि जब स्कूलों में पानी इकट्ठा हो जाता है तो उसमें मच्छर पैदा होने का खतरा बन जाता है। इस तरह पानी की टंकियों की उचित सफाई की जाए। साथ ही स्कूलों में साफ सफाई का पूरा ख्याल रख जाए। किसी को भी किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।