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PM मोदी की एक योजना के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा, ऐसे हुआ खुलासा

Sun, 17 Dec 2017 10:05 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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fraud for employment
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चल रही एक योजना के नाम पर फर्जीवाड़े को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद खुद मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (एनएसडीसी) की कार्रवाई के बाद मंत्रालय ने चंडीगढ़ के एक फर्जी पते पर चल रही कंपनी को फ्रॉड घोषित कर दिया है। मंत्रालय ने इस फर्जी कंपनी की पूरी जानकारी वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी है। ताकि कौशल विकास योजना के नाम पर बेरोजगार युवाओं के साथ हो रहे फर्जीवाडे़ को रोका जा सके।
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मंत्रालय ने चंडीगढ़ के सेक्टर-12 सी-111/16 के फर्जी पते से कौशल विकास योजना के नाम पर युवाओं को जारी हो रही फर्जी नियुक्ति को लेकर पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। ताकि युवाओं के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी न हो सके। बता दें कि चंडीगढ़ में एक फर्जी पते पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर कंपनी चलाई जा रही थी। जोकि बेरोजगार युवाओं को कैशल विकास योजना के तहत रोजगार देने के नाम पर काली कमाई कर रही थी।

इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब ग्वालियर के एक युवक के साथ हुए धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। ग्वालियर निवासी सौमित्र कुमार ने इसकी शिकायत दी थी कि चंडीगढ़ के सेक्टर-12 सी-111/16 के फर्जी पते से उसे एक अप्वाइंटमेंट लेटर आता है। इस फर्जी लेटर में कंपनी की ओर से लिखा जाता है कि युवक का भारत सरकार के प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के पद पर चयन हो गया है। इसके लिए युवक को 24,500 रुपये प्रतिमाह वेतन भी दिया जाएगा।
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एक लेटर भेजकर पैसे जमा करवाने को कहा जाता था

money fraud - फोटो : demo
कंपनी की ओर से एक और लेटर भेजा जाता है कि ज्वाइनिंग से पहले रजिस्ट्रेशन व वेरिफिकेशन के लिए युवक को 2200 रुपये जमा कराने होंगे। इसके अलावा नौकरी ज्वाइन करने से पहले ट्रेनिंग के लिए 15 हजार रुपये सिक्योरिटी जमा करानी होगी, जोकि बाद में रिफंड कर दी जाएगी। इस पर युवक ने जब कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर फोन किया और लेटर पर बताए पते पर संपर्क किया, तब युवक के सामने कौशल विकास योजना के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

अमर उजाला ने नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (एनएसडीसी) के  चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के राज्य प्रमुख रजत भटनागर से बात की। उन्होंने बताया कि अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद उन्होंने यूटी प्रशासन व एनएसडीसी की एक टीम लेटर पर बताए गए पते पर भेजी। वहां एक भी कंपनी इस नाम से नहीं थी। रजत भटनागर ने बताया कि इसकी शिकायत पीएमओ और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना मंत्रालय को भी भेज दी गई। ताकि इस पर उचित कार्रवाई की जा सके।

मंत्रालय की ओर से सूचना जारी कर इस कंपनी को फ्रॉडलेंट घोषित कर दिया गया है। रजत ने बताया कि इस प्रकार की शिकायतें पहले भी आ चुकी है। मंत्रालय की वेबसाइट पर सभी फर्जी कंपनी की लिस्ट साझा की गई है। जोकि रोजाना अपडेट की जाती हैं।
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पता चंडीगढ़ का, गुरुग्राम से ऑपरेट हो रहा नेटवर्क

Fraud man
अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद जब एनएसडीसी की टीम ने लेटर पर बताए गए पते पर जाकर जांच की तो पता चला कि चंडीगढ़ के फर्जी पते पर यह नेटवर्क गुरुग्राम से ऑपरेट हो रहा है। लेटर पर कस्टमर के यर का जो नंबर बताया गया है, वह भी फर्जी है।

अमर उजाला ने भी अपने स्तर पर इसकी जांच की, बताए गए कस्टमर केयर मोबाइल नंबर पर बात की तो पता चला कि यह नंबर गुरुग्राम का है। फोन उठाने वाली एक महिला कर्मचारी ने कहा कि  बिना रजिस्ट्रेशन वह किसी को कार्यालय का पता नहीं बता सकती। जब पूछा गया कि 15 हजार रुपये सिक्योरिटी क्यों, तो जवाब मिला कि यह मोबाइल और लैपटॉप की सिक्योरिटी है।

ग्ररुग्राम से बैठकर, पूरे देश में चल रहा फर्जीवाड़ा
शिकायतकर्ता सौमित्र कुमार ने बताया कि भारत सरकार के नाम पर चंडीगढ़ के पते से मिले पत्र में लिखा है कि भारत सरकार प्रतिनिधि नियुक्त कर रही है, अलग-अलग राज्यों में प्रतिनिधि नियुक्त किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि फर्जी कंपनी गुरुग्राम से पूरे देश में अपना नेटवर्क ऑपरेट कर रही है, बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के बहाने काली कमाई कर रही है।

अप्वाइंटमेंट लेटर में चंडीगढ़ का बताया गया पता फर्जी निकला है, इस पर एक रिपोर्ट बनाकर पीएमओ और संबंधित मंत्रालय को भेज दी है, कंपनी को मंत्रालय की वेबसाइट पर फ्रॉड घोषित कर दिया है, साथ ही इस फर्जी कंपनी की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।
- रजत भटनागर, स्टेट हेड, एनएसडीसी
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