चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देश के कई जिला अधिकारियों से बातचीत कर कोरोना से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी हासिल की। प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ के डीसी मनदीप सिंह बराड़ से भी सीधा संवाद किया।
इस दौरान बराड़ ने बताया कि चंडीगढ़ में ऑक्सीजन की कमी नहीं रही। समय पर ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कर दी गई थी। साथ ही सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल के डाक्टरों को ऑक्सीजन की लीकेज रोकने की ट्रेनिंग दी भी गई। सेक्टर -16 के डाक्टरों ने हर हॉस्पिटल में जाकर ऑक्सीजन लीकेज की संभावना और रोकने के बारे में जानकारी दी। इससे करीब दस फीसदी ऑक्सीजन बचाई भी गई। साथ ही संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए माइक्रोकंटेनमेंट जोन व कलस्टर पर जोर दिया गया। इससे केसों को रोकने में मदद मिली।
डीसी की बात सुनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूटी प्रशासन विशेष प्रशंसा का पात्र है, क्योंकि चंडीगढ़ में बुजुर्गों की बड़ी आबादी है और यह आबादी कोरोना संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील है। उन्होंने डीसी से कहा कि कोरोना को रोकने के लिए यूटी प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे प्रयासों की एक प्रस्तुति तैयार कर दूसरे राज्यों के साथ साझा करें। इससे राज्यों को कोरोना रोकने में मदद मिलेगी।
डीसी बराड़ ने यह भी बताया कि एक साथ तीन शहर जुड़े होने के कारण यूटी प्रशासक की ओर से तीनों शहरों के एक साथ बेहतर समन्वय बनाया गया है। कोई भी निर्णय लेने में डाक्टरों की भागीदारी शामिल रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार संक्रमण रोकने के लिए सबसे ज्यादा जोर माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर रहा। चार सदस्यों वाले घर में पॉजिटिव मरीज मिलने पर भी माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में 25 घरों को एक साथ माइक्रो कंटेनमेंट जोन में बदला गया, ताकि बढ़ते संक्रमण को रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रयास में कोविड देखभाल केंद्र, आयुर्वेदिक कॉलेज, एनजीओ, आरडब्ल्यूए, धार्मिक-सामजिक संगठनों के साथ शहरवासियों की भी भागीदारी रही है।