नेता प्रतिपक्ष नहीं होने के चलते मानवाधिकार आयोग में अटकीं नियुक्तियों पर फिर घिरी कांग्रेस
अशोक अरोड़ा और पूर्व स्पीकर डाॅ. रघुबीर कादियान का नाम चर्चा में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव में हार के सदमे से बाहर नहीं निकल पा रही कांग्रेस पर अब विधायक दल का नेता चुनने का सरकार का दबाव भी बढ़ गया है। दरअसल, मानवाधिकार आयोग के सदस्यों और अध्यक्ष की नियुक्ति में विपक्ष का नेता नहीं होने से पेच फंस गया है। आयोग में लंबे समय से नियुक्तियां नहीं होने से हाईकोर्ट नाराज है। वहीं, हरियाणा सरकार के सामने दिक्कत ये है कि अभी कांग्रेस ने विधायक दल का नेता नहीं चुना है। जो नेता चुना जाएगा, वही नेता प्रतिपक्ष होगा। ऐसे में देरी होने के चलते हो रही कांग्रेस की किरकिरी के चलते अब जल्द नियुक्ति हो सकती है।
गौर हो कि शनिवार को हरियाणा निवास में पहली बार सर्च कमेटी की बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सैनी और विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की मौजूदगी में कुछ नामों पर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस की ओर से कोई विधायक शामिल नहीं हुआ, जबकि सर्च कमेटी में विपक्ष के नेता भी शामिल होते हैं। चूंकि मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस अभी तक विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं कर पाई है, इसलिए विपक्ष के नेता का पद खाली है। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि इस सप्ताह तक विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। इसके लिए अशोक अरोड़ा और रघुबीर कादियान के नाम चल रहे हैंं। दोनों ही पूर्व सीएम हुड्डा खेमे से हैं। पिछली बार पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा नेता प्रतिपक्ष थे और इसी नाते उनको चंडीगढ़ सेक्टर 7 में सरकारी आवास भी मिला हुआ है। सरकार गठन के माह बाद भी उन्होंने यह कोठी खाली नहीं की है। इसलिए कांग्रेस जल्द ही विधायक दल के नेता का नाम तय करने जा रही है।