चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी बनाए गए अनिल मसीह को कमर दर्द की शिकायत पर बुधवार रात 12 बजे जीएमएसएच-16 में भर्ती किया गया था। इनकी बीमारी को ही वजह बताकर मेयर चुनाव को रद्द किया गया था।
चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल में भर्ती कर उन्हें महज एक गोली खाने के लिए दी जा रही है। साथ ही दर्द से राहत के लिए वह फिजियोथैरेपी करवा रहे हैं।
अब अस्पताल में इस बात की चर्चा है कि केवल एक गोली खिलाने और फिजियोथैरेपी के लिए अस्पताल प्रशासन कितने मरीजों को भर्ती करता है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, प्राइवेट रूम (नंबर 503) में भर्ती अनिल मसीह अपनी जांच रिपोर्ट भी अपने पास रखे हुए हैं जबकि सामान्य तौर पर मरीज की जांच रिपोर्ट भर्ती होने के बाद उस वार्ड या रूम के प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर के पास जमा हो जाती है।
जानकारी के अनुसार, कमर के दर्द का कारण जानने के लिए की गई एमआरआई में कुछ बदलाव सामने आया है। इसके कारण उन्हें लोअर बैक पेन की शिकायत है। इसके लिए उन्हें पेन किलर और नर्व को मजबूती देने वाली दवा की एक गोली दी जा रही है। जानकारी के अनुसार, उन्हें हाइपरटेंशन की पुरानी शिकायत भी है।