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लॉकडाउनः पंजाब यूनिवर्सिटी और 196 कॉलेजों के तीन लाख विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने की तैयारी

Thu, 26 Mar 2020 03:23 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना वायरस के चलते देशभर में किए गए 21 दिन के लॉकडाउन से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए पंजाब विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने का निर्णय लिया है। पढ़ाने के तरीके शिक्षक खुद चयन करेंगे। साथ ही विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को भी शांत करना होगा। इस ऑनलाइन प्रक्रिया में पीयू के अलावा 196 कॉलेजों के तीन लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। पीयू इस प्रक्रिया पर तेजी से काम कर रहा है।

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कोरोना के कारण पीयू में पढ़ाई दो सप्ताह से नहीं हुई है। इसी बीच हालात कोरोना से बेकाबू न हों, इसलिए देशभर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह 21 दिन चलेगा। इसके बाद भी हालात कैसे होंगे, सरकारें निर्णय लेंगी, लेकिन विद्यार्थियों की पढ़ाई इस बीच चलती रहे और उनका कोर्स पूरा हो जाए।

मई व जून माह में विद्यार्थियों के सेमेस्टर एग्जाम होते हैं, लेकिन मई में एग्जाम संभव नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में जून तक स्थिति कोरोना से ठीक होगी तो पीयू जून में ही परीक्षा आयोजित कर सकता है, लेकिन इसके लिए विद्यार्थियों को पढ़ाना जरूरी है। इसी के तहत ऑनलाइन पढ़ाई करवाने की तैयारी की जा रही है। शिक्षकों से पहले सुझाव मांगे गए थे कि वह शिक्षण कार्य को कैसे प्रभावी बनाएंगे और विद्यार्थियों की जिज्ञासा को कैसे शांत करेंगे।

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कई शिक्षकों ने बेहतर सुझाव दिए हैं। किसी शिक्षक ने कहा है कि वह वीडियो अपलोड करके सोशल साइट या यूट्यूब या कोई पीयू की वेबसाइट पर डाल सकते हैं, जिन्हें विद्यार्थी डाउनलोड करके पढ़ सकें। कुछ शिक्षकों ने नोट्स बनाकर विद्यार्थियों की मेल आईडी या वाट्सअप पर भेजने का सुझाव दिया है। कुछ ने सरकारी पोर्टल आदि के सहारे पढ़ाने की बात कही है।

पीयू के अधिकारियों ने सुझावों पर अमल किया और शिक्षकों का मनोबल बढ़ाया। उन्हें कहा है कि वह ऑनलाइन पढ़ाएं। विद्यार्थी संतुष्ट हो जाएंगे तो शिक्षण कार्य प्रभावी हो जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों की ओर से एक प्लेटफार्म पर सवाल पूछे जाएं और उसके बाद शिक्षक उन सवालों के जवाब देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासा शांत करें। यह प्लानिंग अब जल्द ही धरातल पर उतरेगी। पीयू ने पूरी तैयारी कर ली है।


शिक्षकों से विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए सुझाव मांगे थे। कई सुझाव आए हैं, उन पर शिक्षक काम कर रहे हैं। यदि विद्यार्थी ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये संतुष्ट हो जाएंगे तो शिक्षण कार्य प्रभावी होगा और उससे पीयू व विद्यार्थियों को लाभ होगा।
- प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई पीयू
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देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन विद्यार्थियों को ऑनलाइन असाइनमेंट भेज रहा 

सेक्टर-36 बी स्थित देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन (डीएससीई) ने मौजूदा कोविड-19 संकट के दौर में ई-लर्निंग के जरिए शिक्षा प्रदान करनी शुरू कर दी है। कॉलेज ने इसके लिए ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली को अपनाया है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन असाइनमेंट भेजे जा रहे हैं। इसे विद्यार्थियों को तय समय में पूरा करके ऑनलाइन ही जमा करना है।  

देव समाज कॉलेज ने शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने की स्थिति और लंबे समय के लॉकडाउन को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की है। इसके लिए गूगल क्लासरूम और सहयोगी विधियों का प्रयोग किया जा रहा है जैसे गूगल डॉक्स, गूगल शीट और गूगल स्लाइड इत्यादि।

डीएससीई की प्रिंसिपल डॉ. एग्निस ढिल्लों ने बताया कि हमारे शिक्षकों की टीम ने ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तैयार की है। इसके तहत छात्रों को घर बैठे ऑनलाइन असाइनमेंट भेजे जा रहे हैं। वे इन्हें ऑनलाइन जमा कर रहे हैं। इनका मूल्यांकन इंटरनेट पर ही किया जा रहा है। इसके साथ छात्रों से रीयल टाइम ऑनलाइन फीडबैक भी लिया जा रहा है।

छात्रों को सेल्फ असेसमेंट टेस्ट ऑनलाइन प्रदान किए जा रहे हैं। जिससे उन्हें भविष्य की परीक्षाओं के लिए आवश्यक तैयारी के बारे में अवगत कराया जा सके। जब कोरोना की समस्या समाप्त हो जाएगी, तब नियमित कक्षाएं शुरू की दी जाएंगी। इसके साथ ही शिक्षकों ने अंग्रेजी और हिंदी में यूट्यूब चैनल पर रोचक ढंग से पाठ तैयार करके अपलोड किए हैं। छात्रों के लाभ के लिए विभिन्न विषयों के कई मॉड्यूल बनाए गए हैं।  
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