चंडीगढ़। यूटी प्रशासन एक बार फिर पंजाब और हरियाणा सचिवालय भवन को मूल स्वरूप में लाने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने 25.51 करोड़ का टेंडर जारी किया है। पहले भी इस काम के लिए टेंडर जारी किया गया था लेकिन कंपनियां सामने नहीं आईं। इसलिए अब दोबारा टेंडर किया गया है।
इस प्रोजेक्ट के तहत पंजाब और हरियाणा सचिवालय भवन को मूल स्वरूप में वापस लाए जाने के साथ ही प्रमुख रूप से इसमें सीलिंग और फ्लोरिंग का काम होना है। इसके अलावा इसमें इलेक्ट्रिकल वर्क भी शामिल है। सिविल वर्क पर जहां 19.85 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, वहीं पब्लिक हेल्थ सर्विसेज पर 2.60 करोड़ और इलेक्ट्रिकल वर्क पर 3 करोड़ रुपये के करीब खर्च किए जाने हैं। हेरिटेज कमेटी की तरफ से ही इस प्रस्ताव को अप्रूवल दी गई थी और जल्द से जल्द इसका काम शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन जो भी एजेंसी इस काम के लिए हायर करेगा, वह यहां पर रिस्टोरेशन के साथ ही संरक्षण और प्रबंधन का काम देखेगी। काम को पूरा करने के लिए एजेंसी को एक साल का समय दिया जाएगा और इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इस काम के लिए पहले उन्होंने 58 करोड़ के तीन अलग अलग टेंडर जारी किए थे, जिसमें उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, पंजाब और हरियाणा विधानसभा और पंजाब और हरियाणा सचिवालय को शामिल किया था। इसमें 6.50 करोड़ पंजाब और हरियाणा विधानसभा और 5.50 करोड़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के लिए तय किये गए थे। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर पहले से ही काम शुरु हो गया था, जबकि उन्हें सचिवालय भवन के लिए सही रिस्पॉन्स नहीं मिला था। यही कारण है कि इसके लिए उन्होंने अब दोबारा से टेंडर जारी किया है।