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Chandigarh News: प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों को राहत की तैयारी, निजी व कामर्शियल मालिकों के लिए आएगी ओटीएस स्कीम

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-लंबित बकाया निपटाने के लिए मार्च सदन में प्रस्ताव लाने की तैयारी
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- 245 करोड़ रुपये का बकाया, इसमें 70 करोड़ रुपये मुकदमें में फंसे

माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। नगर निगम अब प्रापर्टी टैक्स के आमजन डिफाॅल्टरों को राहत देने की तैयारी में है। चैरिटेबल ट्रस्ट और सरकारी स्वायत्त संस्थानों के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू करने के बाद अब दूसरे चरण में निजी और कामर्शियल प्राॅपर्टी मालिकों को इसमें शामिल किया जाएगा। पिछले दिनों सदन में यह मुद्दा उठा था अब उसके बाद इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि मार्च में आने वाले सदन के दौरान यह एजेंडा लाया जा सकता है।

नगर निगम का उद्देश्य लंबे समय से लंबित और विवादित प्रापर्टी टैक्स मामलों का निपटारा करना है। प्रस्तावित स्कीम के तहत निर्धारित समय सीमा में मूल टैक्स राशि जमा कराने पर ब्याज और जुर्माने में छूट दी जा सकती है। पहले चरण में ट्रस्ट और सरकारी संस्थानों को इसी आधार पर राहत दी गई थी। अब आम लोगों को भी इसी तरह का अवसर देने की तैयारी है।
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नगर आयुक्त अमित कुमार ने पिछले दिनों हाउस के अंदर हाउस टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए ओटीएस योजना लागू करने की बात कही थी। इसमें अब सेकेंड फेज में बाकी श्रेणियों को शामिल कर राहत दी जाएगी। इससे निगम का राजस्व बढ़ेगा और पुराने विवादित मामले सुलझेंगे। पहले भी पूर्व मेयर एवं भाजपा पार्षद अनूप गुप्ता ने निजी संपत्तियों को भी स्कीम में शामिल करने की मांग की थी। इसके अलावा सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन को पत्र लिखे थे।
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50 हजार से ज्यादा के बकाएदारों पर कार्रवाई
वर्तमान में नगर निगम ने टैक्स वसूली अभियान तेज कर रखा है। 50 हजार से अधिक बकाया वालों की संपत्ति अटैच करने और पानी के कनेक्शन काटने के आदेश दिए जा चुके हैं। अब 20 हजार से अधिक बकाया वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। इस वर्ष निगम अब तक करीब 90 करोड़ रुपये प्राॅपर्टी टैक्स वसूल चुका है जबकि पिछले पूरे वर्ष में 59 करोड़ रुपये ही जमा हुए थे। निगम का लक्ष्य 100 करोड़ रुपये से अधिक वसूली का है। आंकड़ों के अनुसार करीब 245 करोड़ रुपये विभिन्न आवासीय, गैर आवासीय और सरकारी विभागों पर बकाया हैं। इनमें से लगभग 70 करोड़ रुपये मुकदमों में फंसे हैं जबकि शेष 175 करोड़ रुपये की वसूली ओटीएस के माध्यम से करने की योजना है। नगर निगम को उम्मीद है कि आमजन के लिए ओटीएस लागू होने के बाद राजस्व में तेजी आएगी और वर्षों से लंबित टैक्स विवादों का समाधान संभव हो सकेगा।
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