चंडीगढ़। नगर निगम प्रशासन एक बार फिर विवादों में घिरी लायंस प्राइवेट कंपनी को एक्सटेंशन देने की तैयारी में है। 30 सितंबर को होने वाली निगम सदन की बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा। सेक्टर-31 से 57 तक सफाई का काम देख रही कंपनी का करार 31 जुलाई को खत्म हो चुका है लेकिन नई व्यवस्था तय न होने के चलते निगम लगातार कंपनी को एक्सटेंशन देता जा रहा है।
खास बात यह है कि कंपनी ने लिखित में साफ कर दिया था कि वह अब काम नहीं करना चाहती, बावजूद इसके अफसर और नेता उसके कार्यकाल को बढ़ा रहे हैं। यही नहीं, यह कंपनी सफाई कर्मचारियों के हिस्से का गुड़, तेल और साबुन तक हड़प चुकी है। करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये भी कंपनी पर बकाया है लेकिन भुगतान की जिम्मेदारी से वह किनारा कर रही है।
मनीमाजरा जमीन विवाद पर गरमाएगा माहौल
बैठक की तारीख पहले 26 सितंबर तय थी, जिसे अब 30 सितंबर कर दिया गया है। विपक्षी पार्षद इस बैठक में मनीमाजरा की 7.7 एकड़ जमीन बेचने के प्रस्ताव पर बड़ा हंगामा करने की तैयारी में हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस जमीन सौदे में बड़ा घोटाला छिपा है। दोनों दलों ने इसे नगर निगम के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला बताया है और राज्यपाल व प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। इतना ही नहीं, मामले की शिकायत सीबीआई तक पहुंच चुकी है। सदन की पिछली बैठक में जब जमीन बेचने का एजेंडा पास हुआ था तो उस समय विपक्षी पार्षदों को बाहर कर दिया गया था, जिसके चलते माहौल पहले से ही गरम है। अब 30 सितंबर की बैठक में एक्सटेंशन और जमीन दोनों मुद्दों पर जोरदार टकराव तय माना जा रहा है।