चंडीगढ़। नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ एस्टेट ऑफिस ने इंडस्ट्रियल सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में एस्टेट ऑफिस ने शहर के विभिन्न इंडस्ट्रियल एरिया में खाली पड़े प्लॉट्स की नई सूची तैयार कर ली है। इन्हें जल्द ही ई-ऑक्शन के माध्यम से आवंटित किया जाएगा। प्रशासन की ओर से तैयार की गई सूची में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 सहित अलग-अलग क्षेत्रों के प्लॉट्स शामिल हैं। इन प्लॉट्स का आकार 1 कनाल से लेकर 3 कनाल तक है। वहीं, कई छोटे प्लॉट्स 10, 15, 16, 17, 18 और 19 मरला कैटेगरी में भी उपलब्ध हैं। इससे छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों को जरूरत और बजट के अनुसार विकल्प मिल सकेंगे।
जानकारी के अनुसार कई प्लॉट्स सेक्टर-इंडस्ट्रियल बेल्ट में लंबे समय से खाली पड़े थे जिन्हें अब ई-ऑक्शन के जरिये पारदर्शी तरीके से आवंटित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि शहर में औद्योगिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा। एस्टेट ऑफिस ने ई-ऑक्शन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी तकनीकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करना होगा रजिस्ट्रेशन
इच्छुक निवेशकों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करना होगा। जिसके बाद वे निर्धारित तारीख पर बोली प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 के कई प्लॉट नंबर जैसे 36-सीरीज, 38-सीरीज, 819-सी और अन्य शामिल हैं। वहीं कुछ बड़े प्लॉट्स 2 कनाल और 3 कनाल श्रेणी में भी उपलब्ध हैं, जो बड़े उद्योगों के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं। इसके अलावा 10 मरला और 1 कनाल के प्लॉट्स स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के लिए खास अवसर प्रदान करेंगे।
रोजगार के नए अवसर भी होंगे पैदा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होती है तो इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्लॉट पर यदि कोई कानूनी विवाद या कोर्ट केस लंबित है तो उसे नीलामी प्रक्रिया से बाहर रखा जा सकता है। इसके अलावा समय-समय पर नियमों में बदलाव और दोबारा सत्यापन भी किया जाएगा।
कोट...
पिछले वर्षों में ई-ऑक्शन के जरिये प्लॉट्स की अच्छी मांग देखने को मिली थी। इसी को देखते हुए इस बार भी बड़ी संख्या में निवेशकों के भाग लेने की उम्मीद है। खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योग इस नीलामी में रुचि दिखा सकते हैं। -निशांत कुमार यादव, एस्टेट ऑफिसर