8 जुलाई से जिला स्तरीय धरना और 21 को सीएम आवास का घेराव की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिक्षा विभाग प्रदेश के 20 से कम छात्र संख्या वाले 337 प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की तैयारी में है। इस प्रक्रिया को अंंतिम रूप दिया जा रहा है। खास बात ये है कि एमआईएस पोर्टल पर इन स्कूलों में तैनात 503 शिक्षकों के पद शून्य कर दिए गए हैं। स्कूलों को बंद करने की आशंका के चलते प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा खुलकर इसके विरोध में आ गया है। संघ ने चेताया है कि 8 जुलाई से जिला स्तरीय धरने शुरू किए जाएंगे, वहीं 21 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। स्कूलों को बचाने के लिए शिक्षक किसी भी बड़े आंदोलन को तैयार हैं।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के प्रदेश प्रधान तरुण सुहाग, प्रदेश संयोजक सुनील बास, राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने संयुक्त रूप से यह आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2286 स्कूलों के 3520 प्राथमिक शिक्षकों को सरप्लस बताया जा रहा है, जबकि 355 प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक की तैनाती न होना और 838 स्कूलों में मात्र एक सिंगल शिक्षक बताया जा रहा है। विभाग के लिए इससे बड़ी शर्म की बात क्या होगी जब ऑनलाइन तबादला नीति का दावा किया जा रहा है और स्कूलों में अध्यापक ही नहीं है। राज्य प्रधान ने कहा कि एक तरफ विभाग खुद दावा कर रहा की शिक्षक सरप्लस हैं वहीं दूसरी और भर्ती का प्रपोजल भेजा जा रहा है।
जिन स्कूलों के पोर्टल पर अपडेट बच्चों की संख्या 20 से कम रही, जबकि खुद विभाग ने ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन दाखिले करने के आदेश जारी कर रखे हैं I पिछली बार की छात्र संख्या और ऑफलाइन से बढ़ी संख्या को नही जोड़ा जा रहा है। उनका दावा है कि इन 337 स्कूलों में ज्यादातर वो स्कूल भी शामिल हैं जो गांवों से एक किलोमीटर से ज्यादा दूर ढाणियों में बने हैं। शिक्षक संघ इस फैसले का विरोध करता है और आंदोलन को तैयार है।
विभाग द्वारा जारी जिलावार स्कूलों की संख्या
जिला
स्कूलों की संख्या
फरीदाबाद
1
रोहतक
2
पानीपत
3
पलवल
5
सोनीपत
9
गुरुग्राम
10
जींद
11
झज्जर
12
करनाल
13
कैथल
16
हिसार
20
अंबाला
21
फतेहाबाद
24
सिरसा
28
पंचकूला
32
भिवानी
38
यमुनानगर
40
कुरुक्षेत्र
52
कुल
337