अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के निजी अस्पतालों के आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए इलाज के करीब 200 करोड़ रुपये फिर अटक गए हैं। पैसों की अदायगी को लेकर विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं किए जाने से नाराज आईएमए हरियाणा ने 1 जुलाई से योजना के तहत जरूरतमंदों का इलाज बंद करने का एलान किया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के राज्य प्रधान डॉ. अजय महाजन ने इसकी पुष्टि की है। डाॅ. महाजन का कहना है कि जब तक बकाया राशि को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बन जाती, जब वह मरीजों को दाखिल नहीं कर पाएंगे।
इससे पहले, मार्च में निजी अस्पतालों की राशि अटक गई थी और इसके विरोध में निजी अस्पतालों ने इलाज बंद करने की चेतावनी दी थी। बाद में आयुष्मान भारत अथोरिटी हरियाणा के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जल्दी राशि जारी करने का आश्वासन देकर निजी अस्पताल संचालकों को मनाया गया था। उस समय कई जिलों के पैसे जारी किए गए थे, लेकिन अब फिर से पैसे अटक गए हैं। प्रदेशभर के अस्पतालों के 200 करोड़ से अधिक राशि बकाया है।
आयुष्मान योजना के तहत सरकार के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में मरीजों को पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त दिया जाता है। लेकिन इसके बदले लंबे समय से सरकार की तरफ से निजी अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जा रहा। आयुष्मान भारत योजना के तहत हरियाणा के कुल 1290 अस्पतालों को पैनल में रखा गया है। इसमें करीब 715 सरकारी और 575 निजी अस्पताल शामिल हैं। योजना के तहत कैंसर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों के साथ 1,500 के करीब दूसरी बीमारियों का सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। निजी अस्पताल इलाज के बाद मरीज के बिलों को सरकार के पास भेजते हैं और सरकार इनका भुगतान करती है।