पंचकूला। ई-टेंडरिंग व राइट-टू-रिकॉल के मुद्दे पर प्रदेश के सरपंचों और हरियाणा सरकार के बीच सुलह होती नहीं दिख रही है। शुक्रवार को प्रदेश भर के सरपंच एक बार फिर विधानसभा करने जा रहे हैं। इसके लिए दोपहर 12 बजे तक सरपंच सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में एकत्रित होंगे। उसके बाद विधानसभा घेराव के लिए पैदल मार्च करेंगे। उधर, पंचकूला पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के जिलों से पुलिस की 12 कंपनियां बुलाई हैं। इस दौरान करीब एक हजार पुलिस जवान तैनात रहेंगे। बता दें कि पिछले कई दिनों से प्रदेश भर के सरपंच अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और एसोसिएशन के बीच कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरपंचों को लेकर कई बड़े एलान किए, लेकिन इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। वहीं सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से जो भी घोषणाएं की गई है, एसोसिएशन उससे संतुष्ट नहीं है। प्रदेश भर के जिलों की ग्राम पंचायतें एकजुट हैं। शुक्रवार को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
-सरकार ने ये छह मांगें मानीं
- ग्राम पंचायतों में राइट टू रीकॉल जारी रहेगी।
-सरपंचों का मानदेय 3 से बढ़ाकर पांच हजार और पंचों का एक हजार से 1600 रुपये किया गया है।
- ग्राम सचिव की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में टिप्पणी लिखने का अधिकार सरपंचों को दिया गया।
- खेत खलिहानों में चार कदम से कम चौड़े रास्ते जिला परिषद पक्के कराएगी।
- राज्य कृृषि विपणन बोर्ड की सड़क की मरम्मत भी जिला परिषद को सौंपी।
घर-घर से कूड़ा उठाकर निस्तारित करने और स्ट्रीट लाइट लगवाने का काम भी जिला परिषद को मिला।
पंचकूला पुलिस की क्या योजना रहेगी
चंडीगढ़-पंचकूला मार्ग को पिछले दिनों हरियाणा के संरपचों ने अपनी मांगों को लेकर बंद कर दिया था। इस मामले का संज्ञान लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसकी योजना तैयार करने के लिए कहा था। सूत्रोंं की मानेें तो पंचकूला पुलिस की योजना के मुताबिक इस बार सरंपच एसोसिएशन को शालीमार ग्राउंड में ही रोका जाएगा।