सर्दियां शुरू होते ही कोहरे ने कहर ढाना शुरू कर दिया है। ऐसे में अगर आप घर से बाहर निकलें तो खास बातें ध्यान रखें। सड़कों के किनारों पर बनी पीली/सफेद लाइन पर नजर रखें। अपने वाहन को आगे वाले वाहन से उचित दूरी पर चलाएं।
वाहनों में फॉग लाइट लगाएं जो धुंध को काटने में मददगार होती है। किसी वाहन को ओवरटेक न करें। वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर एवं रेडियम टेप लगाएं। हेडलाइट्स को लो बीम में रखें। वाहन को सड़क किनारे खड़ा करना पड़े तो भी उसके इंडीकेटर चालू रखें।
देखने में आया है कि हिमाचल और कश्मीर में हो रही भारी बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। प्रदेश में शनिवार सुबह मौसम की पहली घनी धुंध का जबर्दस्त असर रहा। अधिकतर जिलों में वाहन रेंग-रेंग कर चले।
कुरुक्षेत्र व पानीपत सहित प्रदेश भर में करीब तीन दर्जन वाहन आपस में भिड़ गए। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और अनेक लोग घायल हुए हैं। मौसम के पलटने से दिन और रात के तापमान में भी गिरावट आई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार एक महीना पहले ही धुंध का असर दिखने लगा है।
आमतौर पर दिसंबर में इस तरह की धुंध देखने को मिलती थी। धुंध की वजह से सुबह 10 बजे तक जीरो विजिबिलिटी रही। धुंध के कारण कई जिलों में ट्रेनें निर्धारित समय से लेट पहुंची। कुरुक्षेत्र जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग और ऊमरी-इंद्री रोड पर करीब दो दर्जन वाहन हादसे का शिकार हो गए। इससे करीब 10 लोग घायल हो गए।
लंबी दूरी की गाड़ियां लेट
धुंध ने ट्रेनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दी। कई जिलों में शनिवार को अप व डाउन की एक दर्जन से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से पहुंची। जिससे रेल यात्रियों को स्टेशन पर ट्रेनों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है। हिमालय क्वीन, ऊंचाहर एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, हीरा कुंड एक्सप्रेस, दादर एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, शान-ए पंजाब सहित कई गाड़ियां एक से दो घंटे देरी से पानीपत स्टेशन पहुंची।