मामला लंबा खिंचे, इसलिए एसआईटी का गठन
कटारूचक्क के खिलाफ यौन दुराचार के आरोप की जांच के लिए पंजाब पुलिस द्वारा तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने का उल्लेख करते हुए बाजवा ने लिखा कि यह जाहिर तौर पर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई को लंबा खींचने के लिए है। एसआईटी गठित करने का कोई मतलब नहीं है, जब वीडियो की फॉरेंसिक जांच पहले ही हो चुकी है और पीड़ित ने खुले तौर पर कैबिनेट मंत्री को दोषी ठहराया है।
उन्होंने कहा कि जैसा कि अपेक्षित था, आप सरकार पीड़ित पर अपना वीडियो बयान और राष्ट्रीय एससी आयोग से की गई शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा जो लोग पीड़ित के समर्थन में सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। बाजवा ने कहा कि आप सरकार पीड़ित और उसके परिवार को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
केजरीवाल के सामने रखा कटारूचक्क का मामला
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार को जब चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिले, तब दोनों नेताओं के बीच पंजाब से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री मान ने केजरीवाल के समक्ष कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क का मामला भी रखा क्योंकि गुरुवार को ही राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने सार्वजनिक बयान में मुख्यमंत्री को सलाह दी थी कि वह कटारूचक्क को तुरंत मंत्री पद से हटा दें। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ शुरु की गई मुहिम के बाद ही फैसला लिया जाएगा। गुरुवार को चंडीगढ़ में बैठक के बाद केजरीवाल और भगवंत मान दोपहर में झारखंड के लिए रवाना हो गए थे।