पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रधान प्रताप बाजवा ने कहा है कि डिप्टी सीएम सुखबीर बादल अपने पिता को तीर्थ यात्रा पर भेजने को बेताब हैं। अकाली दल की सद्भावना रैली के दौरान उन्होंने खुद की प्रधानगी साबित करने की इच्छा जताई। सरकार द्वारा घोषित तीर्थयात्रा कार्यक्रम का मकसद सीएम प्रकाश सिंह बादल को तीर्थ यात्रा पर भेजना है।
बाजवा ने कहा कि एक बार फिर पिता-पुत्र ने उल्टे बयान दिए। बादल ने दावा किया कि यह चुनावी रैली नहीं है। तो सुखबीर ने इसे 2017 के चुनाव का बिगुल करार दिया। रैली का असली मुद्दा सिर्फ लोगों को लाना नहीं था बल्कि, गांवों में जाकर अपनी भावनाएं सांझी करना था।
जैसे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने किया था, पर बादल पिता-पुत्र लोगों में जाने से डर रहे हैं। बादल के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए बाजवा ने कहा कि यह उन लोगों में से एक थे जिन्होंने 1980 में पंजाब को आग के हवाले कर दिया था। 1983 में श्री अकाल तख्त साहिब पर एक लाख मर्जीवड़े बनाए थे, 1984 में संविधान जलाया था।
सिमरनजीत सिंह मान के साथ मिल कर खालिस्तान के ज्ञापन पर दस्तखत करने वाले बादल आज सद्भावना की बात कर रहे हैं और कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं। बादल ने ही मान को अपनी पार्टी का प्रधान बनाया था। बादल अपनी नाकामियां छिपाने के लिए कांग्रेस पर हमले कर रहे हैं।
सीएम ने दिया भड़काऊ बयान
प्रताप बाजवा ने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल ने रैली के दौरान भड़काऊ बयान पहलां वधांगे मोने, फिर वधांगे झोने.. दिया है। बाजवा ने कहा कि बादल बिना सोचे-समझे ऐसे आरोप लगाकर पंजाब को आग में धकेलना चाहते हैं, क्योंकि वह खुद हर मौके पर कट्टरपंथियों की हिमायत करते रहे हैं। रैली में अपने फायदे के लिए उन्होंने लोगों की भावनाओं से खेलने की कोशिश की।