प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा ने पंजाब भाजपा को अपने मन की आवाज सुनते हुए सरकार से अलग होने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि यह पंजाब में नशा तस्करी को सियासी शह मिलने के संबंध में ईमानदार खुलासे के बाद अगला कदम होगा। बाजवा ने कहा कि प्रदेश भाजपा प्रधान कमल शर्मा ने ड्रग्स रैकेट में सिर्फ उसी पक्ष की पुष्टि की है, जिसे कांग्रेस कई महीनों से रख रही है।
हालांकि भाजपा को नशों की गंभीरता सिर्फ चुनाव के दौरान ही पता चली। उन्होंने कहा कि भाजपा को लकीर खींचते हुए सरकार से बाहर आना चाहिए। क्योंकि शर्मा खुद कह चुके हैं कि नशा तस्करी से जुड़े लोग किसी भी पार्टी के हों, उनके नाम सामने लाए जाने चाहिए। बाजवा ने मांग की कि गठबंधन के प्रदेश प्रधान के उंगली उठाने के बाद मुख्यमंत्री को ड्रग्स रैकेट में शामिल कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने रैकेट की जांच सीबीआई से कराने और कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को बर्खास्त करने की भी मांग की।
बड़े मगरमच्छों को बेनकाब करें बादल: जाखड़
सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मांग की है कि ड्रग्स रैकेट में शामिल बड़े मगरमच्छों को बेनकाब करें। साथ ही नशे के कारोबार में शामिल नेताओं की संपत्ति कुर्क करने संबंधी विधेयक अगले विधानसभा सत्र में लाएं। जाखड़ ने कहा कि मोगा के गांव में नशे के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाना लोगों की आंखों में धूल झोंकना है। भाजपा नेता अरुण जेटली खुद नशे के कारोबार का असर देख चुके हैं। उन्होंने मांग की कि नशे के कारोबार में शामिल नेताओं की संपत्ति कुर्क करके बर्बाद हुए परिवारों के पुनर्वास में लगाई जाए।