सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के बाद प्रकाश सिंह कमेटी के निशाने पर आए अधिकारियों ने सरकार को स्पष्टीकरण देने के लिए 15 दिन का समय मांगा है। मुख्य सचिव डीएस ढेसी की गैर-मौजूदगी में इन अधिकारियों ने मुख्य सचिव कार्यालय में तैनात आईएएस अधिकारी नीरजा शेखर के सामने अपनी बात रखी।
इसमें आईएएस अधिकारी अनीता यादव, निखिल गजराज, डीके बहरा, राजीव रतन और चंद्र शेखर शामिल थे। ये वे अधिकारी हैं, जिनकी भूमिका को लेकर प्रकाश सिंह ने सवाल खडे़ किए हैं। सूत्राें के मुताबिक उक्त अधिकारी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे सौंपे जाने के बाद प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर और बखेड़ा खड़ा हो सकता है, क्योंकि रिपोर्ट के बाद भी उक्त अधिकारियों ने मीडिया में खुल कर बयान दिए थे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विधानसभा में दिए बयान के बाद प्रकाश सिंह और हरियाणा सरकार के बीच तल्खियां बढ़ गई हैं। सोमवार को पेश हुए अधिकारियों ने अपनी बेगुनाही के सबूत देने के साथ ही जवाब देने के लिए लंबी-चौड़ी रिपोर्ट देेने की भी तैयारी कर ली है।
हालांकि, इन अधिकारियों को राहत देने का काम अब सिर्फ अदालत ही कर सकता है, लेकिन सरकार और सीएमओ में बैठे वरिष्ठ अधिकारी इन अधिकारियों की बात से कितने सहमत होंगे, यह देखने का विषय होगा। इस पूरे मामले में हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी दोफाड़ हो चुकी है। सियासत में भी प्रकाश सिंह की रिपोर्ट पर लगातार हमले हो रहे हैं।