प्रेस वार्ता करते प्रदीप गिल व अन्य
युवा इनेलो के प्रदेश प्रभारी प्रदीप गिल ने अपनी नियुक्ति के 11 दिन बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि डॉ. अजय चौटाला को इनेलो से निष्कासित कर दिया गया। इसी से आहत होकर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को गोहाना रोड स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में गिल ने कहा कि इससे पहले चौटाला परिवार के विवाद में वे तटस्थ रहे थे, लेकिन डॉ. अजय चौटाला के निकाले जाने से वह इस पद पर नहीं रह सकते।
उन्होंने कहा कि यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि अशोक अरोड़ा द्वारा अजय चौटाला के निष्कासन की जानकारी दी जा रही है। यह सभी को पता है कि अशोक अरोड़ा कब पार्टी में आए हैं। अजय चौटाला यदि चाहते तो केंद्र में मंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। ऐसे में अब 17 नवंबर को जींद में प्रदेशभर के इनेलो कार्यकर्ता यह दिखा देंगे कि पार्टी के कार्यकर्ताओं का समर्थन किसके साथ है। गिल ने कहा कि वे पूरी तरह से डॉ. अजय चौटाला के साथ हैं।
इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है
एक सवाल के जवाब में प्रदीप गिल ने कहा कि वे मानते हैं कि इतिहास अपने आपको दोहरा रहा है। इससे पहले पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल के समक्ष भी ठीक यही स्थिति थी, जो आज ओमप्रकाश चौटाला के समक्ष है। ऐसे में इनेलो के कार्यकर्ता तय करेंगे कि पार्टी की बागडोर किसे सौंपी जाए।