चंडीगढ़। सेक्टर 35 के प्राचीन कला केंद्र के एमएल कौसर सभागार में बुधवार को कथक की प्रस्तुति हुई। यह प्रस्तुति अमेरिका से आई प्राची दीक्षित और उनके ग्रुप ने दी। यह आयोजन प्राचीन कला केंद्र की ओर से किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने एक भक्तिमयी रचना शिव वंदना से की। इसके बाद कृष्ण कविताओं पर आधारित एक भाव पक्ष की रचना पेश की। उनके ग्रुप ने कथक नृत्य के तकनीकी पक्ष को प्रस्तुत किया।तीन ताल पर आधारित विलंबित, मध्य एवं द्रुत लय पर आधारित परन, गत, उठान,चालें, आमद, त्रिपल्ली, प्रमिलू, तिहाई और चक्रदार परन प्रस्तुत करके तकनीकी पक्ष पर अपनी मजबूत पकड़ का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
इसके बाद भाव पक्ष पर आधारित एक खूबसूरत रचना कृष्णा एवं काली पेश की। जिसमें दो दिव्य शक्तियों कृष्ण और काली के बीच एक कालातीत संवाद पेश किया गया। कृष्ण माया का प्रतिनिधित्व करते हैं। दुनिया की सुंदरता और भ्रम जो हमें खुशी, प्रेम और आनंद के माध्यम से अपनी ओर खींचता है। उनकी बांसुरी आत्मा को मंत्रमुग्ध कर देती है, हमें याद दिलाती है कि अस्तित्व सार्थक और आकर्षक क्यों लगता है। दूसरी तरफ काली उग्र और अडिग, शक्ति का प्रतीक हैं। प्राची अमेरिका में नूपुर डांस अकादमी की संस्थापक भी है।