चंडीगढ़। शहर के बिजली विभाग को खरीदने के लिए प्रशासन की ओर से दिया गया समय वीरवार को खत्म हो गया। आखिरी दिन एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने भी विभाग को खरीदने के लिए अपनी बोली जमा कराई है। इसके साथ ही अब सात कंपनियां यूटी प्रशासन के बिजली विभाग को खरीदने के लिए दौड़ में आ गई हैं। प्रशासन सोमवार को सभी कंपनियों की बोली खोलेगा और जिसकी बोली सबसे ज्यादा होगी, उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजेगा।
बिजली विभाग को खरीदने के लिए जिन सात कंपनियों ने बोली जमा कराई है, उनमें अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड, टाटा पावर, टोरेंट पावर, स्टेरेलाइट पावर, रन्यू विंड एनर्जी, एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड और एनटीपीसी इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी लिमिटेड शामिल हैं। केंद्र सरकार की ओर से जिस भी कंपनी को नियुक्त किया जाएगा, उसके पास शहर में बिजली वितरण और रिटेल सप्लाई की जिम्मेदारी होगी।
बिजली विभाग के निजीकरण के लिए प्रशासन से सबसे पहले 9 नवंबर 2020 को टेंडर जारी किया था और 31 दिसंबर तक का समय दिया था। हालांकि, कुछ दिनों बाद इस पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट चला गया। वहां से प्रशासन को राहत मिली तो 14 जनवरी को फिर से टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया गया और आवेदन के लिए 8 फरवरी 2021 तक का समय दिया गया। कुल 20 कंपनियों ने दस्तावेज खरीदे, जिनमें से छह कंपनियां योग्य पाई गईं। इस बीच प्रशासन ने बोली शर्तों में बदलाव कर दिए और नए बोलीदाताओं को एक बार फिर मौका दिया। आवेदन करने की तिथि को 18 मार्च तक बढ़ा दिया था। बिजली विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को बोली खोली जाएगी और जिसकी सबसे ज्यादा होगी, उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। केंद्र की मंजूरी के बाद ही प्रशासन चयनित कंपनी को काम सौंपेगा।