चंडीगढ़। शहर में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले प्लांट में शनिवार और रविवार को बिजली गुल रहने से ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित हो गई। इसका असर यह हुआ कि प्रशासन की तरफ से रोजाना तीन वेंडरों को ऑक्सीजन मुहैया कराने की जगह ऑक्सीजन सीमित होने की वजह से सिर्फ एक वेंडर को ही ऑक्सीजन दी जा सकी।
शहर में ऑक्सीजन की सप्लाई को बरकरार रखने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ आईएएस यशपाल गर्ग को दी गई है। उन्होंने बताया कि बद्दी के बरोटीवाला स्थित आईएनओएक्स के प्लांट से चंडीगढ़ को 20 एमटी ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। यह कोटा केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए तय किया है, जिसका इस्तेमाल जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 और सेक्टर-48 के कोविड अस्पताल में मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाई करने में किया जाता है। गर्ग ने बताया कि प्लांट में शनिवार और रविवार को बिजली की समस्या रही, जिसकी वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई में देरी हुई है। हालांकि अब समस्या को दूर कर लिया गया है और स्थिति सामान्य हो गई है। उत्पादन भी पहले की तरह शुरू हो गया है।
बता दें कि यूटी प्रशासन ने यह दावा किया था कि शहर में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, लेकिन बावजूद इसके निजी स्वास्थ्य संस्थानों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार से पहले की तरह हो जाएगी व्यवस्था
यूटी प्रशासन ने हाल ही में सरकारी और निजी अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए तीन कंपनियों को ऑक्सीजन देने की व्यवस्था बनाई थी। इनमें एनेस्थेटिक गैस प्राइवेट लिमिटेड (एजीपीएल), चंडीगढ़ गैसेज और सुपर गैसेस शामिल है। यह कंपनियां सरकारी व निजी स्वास्थ्य सेवा संस्थाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले मेडिकल ऑक्सीजन सिलिंडरों की रिफिलिंग का काम करती हैं, लेकिन शनिवार और रविवार को प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन कम हुआ। इसकी वजह से इनमें से सिर्फ एक कंपनी एजीपीएल को ही चंडीगढ़ प्रशासन ने ऑक्सीजन दी। आईएएस यशपाल गर्ग ने कहा कि अन्य दोनों कंपनियों को सोमवार को ऑक्सीजन दी जाएगी।