चंडीगढ़ को जब तक स्मार्ट शहर के दायरे में नहीं लाया गया था तब तक नागरिकों को बिजली की सप्लाई अबाध होती थी। लेकिन स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद शहरवासियों को बिजली समस्या बढ़ गई है। सेक्टरों में पांच घंटे तक के बिजली कट लग रहे हैं।
शहर में बिजली की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। उमस भरी गर्मी के कारण शहर में बिजली की खपत 380 मेगावाट तक पहुंच गई है। मई माह में बिजली खपत 400 मेगावाट तक पहुंच चुकी थी। शहर के सेक्टर -24, 25, 26, 27, 28, 29, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में दो से चार बजे तक बिजली कट लगा। इस दौरान लोगों ने विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर फोन की कोशिश भी बेकार रही। बिजली कट की समस्या मनीमाजारा के पिपला वाला टाउन, मोरी गेट, हाउसिंग बोर्ड, धनास, सहित कई जगह रहा। इन जगहों पर बिजली कट पांच घंटे का रहा।
10 हजार स्मार्ट मीटर लगाने का प्रस्ताव
शहर में दो लाख बिजली के उपभोक्ता हैं। उपभोक्ताओं को बिजली व्यवस्था ठीक नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बिजली विभाग के स्मार्ट ग्रिड सब- स्टेशन और 10 हजार स्मार्ट मीटर को लगाए जाने का काम भी नहीं शुरू हो पाया है। बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए 500 करोड़ का बजट बनाया गया था। जेईआरसी की मीटिंग में इस प्रपोजल को पास करके भेजा गया लेकिन अभी तक 500 करोड़ का यह बजट अप्रूव नहीं हो सका है।
शहर की बिजली व्यवस्था को जल्द सुधारा जाएगा। इसके लिए स्मार्ट ग्रिड सब स्टेशन और स्मार्ट मीटर का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह प्रपोजल जेईआरसी की मीटिंग में रखा गया है। अभी तक फंड पास नहीं होने के कारण लोगों को बिजली कट की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
एमपी सिंह, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, चंडीगढ़ प्रशासन