भाकियू के यूथ प्रधान अमरजोत सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को धान की फसल की बिजाई को लेकर 8 घंटे बिजली की सप्लाई का दावा कर रही है। जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। किसानों को धान की बिजाई करने के लिए अपनी मोटर चलानी पड़ रही है जिससे उन पर डीजल के खर्च का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बिजली कटौती के खिलाफ भाजपा ने भी हल्ला बोल प्रदर्शन किया।
लुधियाना में शिअद-बसपा गठबंधन के नेताओं ने जगरांव पुल घेरा तो भाजपा बिजली दफ्तर घेरने पहुंच गई। इसके साथ-साथ बिजली न मिलने की वजह से परेशान किसान बिजली दफ्तर घेरने तो पहुंचे ही, साथ ही उन्होंने दो घंटे डीसी दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन किया।
पठानकोट में पिछले 8 दिनों से लग रहे बिजली के अघोषित कटों के खिलाफ शिअद और बसपा ने संयुक्त रूप से पावरकॉम कार्यालय का घेराव किया गया। अकाली दल जिलाध्यक्ष सुरिंदर कंवर मिंटू और बसपा जिलाध्यक्ष धर्मपाल भगत के नेतृत्व में रोष रैली भी निकाली गई।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लोगों पर अत्याचार बंद करे और बिजली सप्लाई सही तरीके से दी जाए। अबोहर के श्रीगंगानगर रोड स्थित बिजली घर के बाहर विशाल धरना लगाया गया, जिसमें गठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए अबोहर सर्कल के संगठन इंचार्ज राजिंद्र दीपा राजदेव ने कहा कि पंजाब सरकार के कार्यकाल में लोग बिजली के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।
पटियाला में ग्रिड के सामने अकाली-बसपा का रोष प्रदर्शन
शिरोमणि अकाली दल और बसपा ने शुक्रवार को सन्नौरी अड्डा में ग्रिड के सामने बिजली संकट को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर बर्तन बजाकर और हाथों वाली पंखी से हवा करके सरकार के खिलाफ रोष जताया गया।
शिअद पटियाला शहर के प्रधान हरपाल जुनेता ने कहा कि कैप्टन की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में लोगों को पर्याप्त बिजली भी नहीं मिल रही। जनता को लंबे लंबे कटों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज लोग घरों से बाहर निकल कर सड़कों पर धरने दे रहे हैं। वहीं किसानों को भी धान के लिए दिन में मुश्किल से दो-तीन घंटे ही बिजली मिल रही है। जुनेजा ने आरोप लगाया कि कैप्टन सरकार की गलत नीतियों के कारण पंजाब को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है।
नवांशहर: बिजली कट से परेशान किसानों ने घेरा विधायक का आवास
कई दिनों से लगातार लग रहे बिजली कट से परेशान किसानों ने शुक्रवार को नवांशहर के विधायक अंगद सिंह के आवास का घेराव कर दिया। इस दौरान नाराज किसानों का पुलिस से टकराव भी हुआ। इसके बावजूद किसान बैरिकेड्स तोड़ते हुए किसान विधायक के घर तक पहुंच गए। किसानों ने बिजली के बेतहाशा आ रहे बिलों व कटों को लेकर कैप्टन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि जो काम अकाली दल की सरकार में हो रहे थे, वही कैप्टन सरकार में हो रहे हैं।
बिजली के नाम पर पंजाब की जनता से लूट हो रही है। किसानों की नाराजगी देखते हुए विधायक अंगद सिंह अपने आवास से बाहर आए और उन्होंने अपना पक्ष रखा। किसानों ने कहा कि चुनावों से पहले कांग्रेस नेताओं ने बिजली कंपनियों से हुए समझौते रद्द करने की बात कही थी लेकिन साढ़े चार वर्ष बाद भी बिजली कंपनियों की मदद से लूट हो रही है। दूसरी ओर अकाली दल-बसपा गठबंधन के नेताओं ने भी पावरकॉम दफ्तर के बाहर धरना दिया।
शिरोमणि अकाली दल ने फरीदकोट में पावरकॉम दफ्तरों व बिजली घरों के सामने धरना दिया । इस दौरान किसान संगठनों ने कोटसुखिया में क्रमिक धरनों की अगुवाई कर रहे पूर्व अकाली विधायक मनतार सिंह बराड़ व सीनियर नेता सूबा सिंह बादल सहित अन्य नेताओं को काले झंडे दिखाए।
कोटसुखिया स्थित बिजली घर में जैसे ही अकाली कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू किया, वहां किसान संगठनों के कार्यकर्ता भी एकत्रित हो गए और उन्हें काले झंडे दिखाकर नारे लगाने लगे। इसी तरह जैतो में भी किसानों ने अकाली नेताओं का विरोध किया। इस मौके पर किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर यह विरोध किया जा रहा है, क्योंकि दिल्ली में किसान आंदोलन को 7 माह बीत चुके हैं लेकिन कोई भी राजनीतिक पार्टी, किसानों की सुध नहीं ले रही। ऐसे में राजनीतिक गतिविधि चला रहे राजनेताओं का विरोध करने का फैसला किया गया है। उधर, फरीदकोट में यूथ अकाली दल के राष्ट्रीय प्रधान परमबंस सिंह बंटी रोमाना की अगुवाई में पावरकॉम के शहरी दफ्तर के आगे धरना दिया गया और बाजार में दुकानदारों को पंखियां बांटकर रोष जताया गया।