पानीपत। पिछले सप्ताह टी-6 के 16 एमवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर में खराबी आने से निगम को करीब डेढ़ करोड़ की चपत लगने का खुलासा हुआ है।
हालांकि कि निगम अधिकारी उस नुकसान के लिए एक दूसरे को उत्तरदायी ठहरा रहे हैं। एमएंडपी के एक्सईएन ने मामले का खुलासा करते दावा किया कि एचटी लाइन के टु फेज होने से हाई करेंट की वजह से ट्रांसफार्मर में खराबी आई है। इसमें निगम ने लापरवाही बरती है।
पिछले सप्ताह शुक्रवार को दोपहर 2:40 बजे रेलवे फीडर की एबी केबल में शॉर्ट सर्किट होने से टी-6 का 16 एमवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्र्मर में खराबी आने से शहर के दर्जनों फीडरों पर बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई।
निगम अधिकारियों को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने टेक्नीशियन की सहायता से घंटों तक उस पर मरम्मत कार्य किया, जब बात नहीं बनी तो शहर में बिजली आपूर्ति के लिए उस ट्रांसफार्मर का लोड दूसरे फीडरों पर डालकर आपूर्ति शुरू की गई और निगम ने विकल्प के तौर पर करनाल से एक मोबाइल ट्रांसफार्मर मंगवाया था। लेकिन अभी तक उस ट्रांसफार्मर को भी नहीं जोड़ा गया।
इससे अन्य फीडरों पर ओवरलोडिंग होने से बार बार लगने वाले बिजली के अघोषित कटों से लोगों को बेहाल होना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर खराब होने से निगम को डेढ़ करोड़ की चपत लगी है। लेकिन निगम अधिकारी उस नुकसान के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) से घरों तक बिजली आपूर्ति देने के लिए तीन रिले ब्रेकर लगे होते हैं। जिसमें इनकमिंग रिले ब्रेकर, आउट गोइंग रिले ब्रेेकर व ट्रांसफार्मर रिले ब्रेकर। तीनों कंडीशन में कहीं पर भी जब टु फेज होता है तो वीसीबी में ट्रिपिंग होने से बिजली आपूर्ति रुक जाती है।
पिछले काफी लंबे समय से किसी भी वीसीबी और ट्रांसफार्मर की रिले ब्रेकर की मेंटेनेंस न होने के चलते पेनल ब्रेकर में कोई ट्रिपिंग नहीं हुई। एचटी टु फेज होते ही हाई करेंट का झटका सीधा ट्रांसफार्मर पड़ने से निगम को करीब डेढ़ करोड़ की चपत लगी है।
एचटी लाइन पर शॉर्ट सर्किट होते ही वैक्यूम सर्किट ब्रेकर भी फेल हो गया। इससे वीसीबी में कोई भी ट्रिपिंग नहीं हुई। ट्रांसफार्मर पर हाई करेंट का सीधा झटका पड़ने से उसमें खराबी आई है।
एमएडंपी के एक्सईएन संजय वर्मा ने बताया कि हर छह माह बाद वीसीबी और ट्रांसफार्मर की रिले बदली जाती हैं। इस बार भी समय पर ही ट्रांसफार्मरों की रिले बदली गई थी। एचटी लाइन में शॉर्ट सर्किट होने से हाई करेंट की वजह से वीसीबी फेल हुआ है। जिसके लिए लाइनों से संबधित अधिकारी जिम्मेवार हैं।
वहीं ट्रांसमिशन सिस्टम के एक्सईएन आरपी शर्मा का कहना है कि रिले ब्रेकर में कमी के चलते ट्रांसफार्मर पर हाई करेंट का झटका पड़ा है। उनका कहना है कि यदि रीले ब्रेकर दुरूस्थ होता पैनल ब्रेकडाउन होना चाहिए। लेकिन यहां पर तीनों रिले ब्रेकर फेल होने के बाद ट्रांसफार्मर की इंसुलेशन में खराबी आई है।
शहर में बिजली आपूर्ति के लिए लोड को दूसरे फीडरों पर डायवर्ट कर दिया है तथा विकल्प के तौर पर करनाल से एक मोबाइल ट्रांसफार्मर मंगवाया गया है। जब तक उस ट्रांसफार्मर को बदला जाएगा तक मोबाइल ट्रांसफार्मर से आपूर्ति दी जाएगी।