1963 से पोल्ट्री के कारोबार से जुड़े लुधियाना निवासी डॉक्टर आरएस चावला बताते हैं कि बर्ड फ्लू पंछियों से जुड़ी बीमारी है। यह इंसानों में नहीं फैलता है। पोल्ट्री फार्मिंग के दौरान इनकी अच्छे से देखरेख की जाती है। वैक्सीनेशन से लेकर हर तरह की दवाएं दी जाती हैं। लगभग 57 साल के सफर में अभी तक उन्होंने किसी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू फैलते नहीं देखा है।
बर्ड फ्लू की आशंका के मद्देनजर पहले ही पोल्ट्री फार्म को सैनिटाइज करके रखा जाता है। एक बात साफ है जब भी जिंदा मुर्गे को बेचा जाता है तो खरीदने वाला हमेशा स्वस्थ को ही खरीदता है। वहीं चिकन को उच्च तापमान पर पकाए जाने के बाद डरने की जरूर नहीं है।
बर्ड फ्लू का कोई भी केस बुधवार तक लुधियाना में रिपोर्ट नहीं हुआ है। चिकन को अच्छी तरह पकाया जाए तो इसका व्यक्ति में फैलने का कोई डर नहीं होता है। जिस समय चिकन को काटा जाता है, उस समय पूरा ध्यान रखने की जरूरत होती है। अगर कोई संक्रमित मुर्गा या मुर्गी काटते समय व्यक्ति के संपर्क में आ जाए तो बर्ड फ्लू फैलने का डर रहता है। ग्रामीण एरिया में लोग घरों में मुर्गियां पाल लेते हैं, ऐसे में अगर उनमें यह बीमारी हो जाए और उस पर ध्यान न दिया जाए तो यह आम व्यक्ति में फैल सकता है। - सुखजीवन कक्कड़, सिविल सर्जन लुधियाना।