चंडीगढ़। पंजाब के रूपनगर के प्रधान डाकघर में डाकघर निर्यात केंद्र जुलाई से काम करना शुरू कर देगा। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इस प्लेटफार्म को डाक विभाग के चंडीगढ़ डिविजन की ओर से शुरू किया जा रहा है। एमएसएमई, हैंडीक्राफ्ट छोटे व्यापारियों को कस्टम क्लीयरेंस के लिए अब दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। इससे लोगों के समय की बचत होगी। पहले कई दिन लग जाते थे लेकिन इस प्लेटफार्म पर एक से तीन दिन में ही सभी क्लीयरेंस हो जाता है। अब इस केंद्र से यूएसए, कनाडा, यूके ऑस्ट्रेलिया, सउदी, बहरीन, बंगलादेश, जर्मनी सहित अन्य देशों में सामान निर्यात कर सकेंगे। चंडीगढ़ से विदेश में खेल के सामान जिसमें बैडमिंटन के रैकेट, क्रिकेट बैट, ग्लब्स, चेसबोर्ड, घड़ियां, ब्लूटूथ डिवाइस, हैडफोन, वाइफाई डोंगल, ज्वेलरी आइटम सहित कई चीजों को निर्यात किया जाता है।
यह सुविधाएं मिलेंगी
डाकघर निर्यात केंद्र पर पोस्टल बिल ऑफ एक्सपोर्ट के तहत कस्टम क्लीयरेंस के लिए इलेक्ट्रॉनिक अप्रूवल मिलेगी। इसके लिए किसी भी कंपनी को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कंपनी या किसी भी व्यक्ति को डाक विभाग के साथ एग्रीमेंट करना होता है। इसके लिए निर्यात करने का लाइसेंस भी लेना जरूरी है।
कोट्स..
डाकघर निर्यात केंद्र वर्चुअल प्लेटफार्म है। चंडीगढ़ में यह वर्ष 2022 में ट्रायल के रूप में शुरू किया गया था। अब रूपनगर में भी अगले महीना से शुरू होगा। इसके माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन एंट्री कर सकते हैं। इस दौरान लेबल जनरेट होगा। इस लेबल को सामान पर चिपकाना होगा। इसकी सूचना कस्टम विभाग को चली जाएगी। किसी प्रकार का कस्टम की ओर से आब्जेक्शन होगा तो ग्राहक को अलर्ट आएगा। इसे ग्राहक ऑनलाइन अपलोड करेंगे वह कस्टम के पास पहुंच जाएगा। इससे काफी सुविधा होगी।
-हरजिंदर सिंह भटटी, प्रवर अधीक्षक, डाकघर चंडीगढ़ डिविजन