चंडीगढ़। पैसे देने के बाद भी फ्लैट की पजेशन न देने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अंसल प्रॉपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर एक लाख रुपये हर्जाना लगाया है। वहीं, बिल्डर को शिकायतकर्ता द्वारा जमा करवाए 44 लाख 78 हजार 750 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने होंगे। इसके अलावा अदालती खर्चे के लिए दस हजार रुपये अलग से जमा करवाने होंगे।
शिकायतकर्ता नई दिल्ली निवासी राजेश जैन ने शिकायत में अंसल प्रॉपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्टर लिमिटेड को इसके चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के जरिए पार्टी बनाया था। शिकायतकर्ता ने मार्च 2021 को इनके खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दायर की थी। राजेश जैन ने बताया कि उन्होंने अंसल गोल्फ लिंक मोहाली में एक प्लॉट बुक किया था, लेकिन बिल्डर द्वारा उसकी पजेशन नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने प्लॉट की बुकिंग के लिए बिल्डर को कुल 44 लाख 78 हजार 750 रुपये की पेमेंट की थी। शिकायतकर्ता 2006 में 12.40 लाख रुपये जमा करवा चुका था। इसलिए साल 2011 के अलॉटमेंट एग्रीमेंट में दस्तखत करने के अलावा उसके पास कोई विकल्प नहीं था। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें और दस्तावेज देखने के बाद कहा कि शिकायतकर्ता प्लॉट की पूरी रकम जमा करवा चुका था। अलॉटमेंट ऑफर में कहीं नहीं लिखा था कि पजेशन कब दिया जाएगा। आयोग ने शिकायत को सही मानते हुए बिल्डर को बुकिंग के पैसे लौटाने के आदेश दिए हैं।