राज्य में होनहार गरीब विद्यार्थियों के लिए बनाए जा रहे छह स्पेशल स्कूल आगामी सेशन से शुरू हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने आवास पर हुई मीटिंग के दौरान संबंधित डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत दी कि इन स्कूलों का सिविल वर्क जुलाई-14 तक पूरा कर लिया जाए, जिससे आगामी सेशन से स्कूल हर हाल में शुरू हो जाएं।
दसवीं में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को यहां मुफ्त शिक्षा और हॉस्टल सुविधा दी जाएगी।
सीएम ने इसके प्रोजेक्ट डायरेक्टर और सभी प्रिंसिपल के चयन केलिए मुख्य सचिव की अगुवाई में सर्च कमेटी गठित करने की हिदायत दी है।
साथ ही कहा कि इस प्रोजेक्ट में कीमती सुझाव देने के लिए पांच माहिरों का चयन भी जल्द किया जाए। स्कूल स्टाफ की भर्ती के लिए पहले ही विशेष बोर्ड बनाया जा चुका है।
स्टाफ के वेतन और हॉस्टल आदि के खर्च के लिए सालाना 17.36 करोड़ रुपये का इंतजाम पंजाब शिक्षा विकास बोर्ड करेगा। सीएम ने हिदायत दी कि सिविल वर्क पूरा होने के बाद स्कूलों में फर्नीचर और अन्य साजो-सामान मुहैया कराया जाए। शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव को फर्नीचर खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया।
बादल ने सीनियर अधिकारियों से कहा कि वे देश भर के सर्वोच्च शिक्षा संस्थानों का दौरा कर वहां के मॉडल स्टडी करें, जिससे इन स्पेशल स्कूलों में बेस्ट मॉडल लागू किया जा सके। मीटिंग में शिक्षामंत्री सिकंदर सिंह मलूका, मुख्य सचिव राकेश सिंह, सीएम के तकनीकी सलाहकार बीएस धालीवाल आदि अधिकारी मौजूद थे।