पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुखपाल सिंह खैहरा ने केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) वीके सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
खैहरा ने पत्र में आरोप लगाया है कि सीईओ वीके सिंह ने 17 फरवरी को डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के साथ एक गुप्त मुलाकात की है।
खैहरा ने चुनाव आयोग से कहा है कि इस गुप्त मुलाकात के बारे में सीईओ से जवाब तलब किया जाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों अधिकारियों की मुलाकात के बारे में जांच के लिए दोनों के कॉल रिकॉर्ड चेक करवाए जाएं।
खैहरा ने आरोप लगाया है कि डीजीपी सैनी को बचाने के लिए सीईओ वीके सिंह काम कर रहे हैं। खैहरा के अनुसार, पंजाब गृह विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से सीईओ को भेजी गई रिपोर्ट को चुनाव आयोग के पास भेजने से पहले वीके सिंह 17 फरवरी को डीजीपी के चंडीगढ़ सेक्टर-16 स्थित आवास पर गए थे। वहां वह शाम चार से छह बजे तक रहे और डीजीपी सैनी के साथ बंद दरवाजों में बैठक की।
खैहरा ने पत्र में आगे कहा है कि इस बैठक के बाद ही सीईओ वीके सिंह ने 20 फरवरी को सरकार की उक्त डीजीपी के पक्ष वाली रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव आयोग को भेज दी।
उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि वीके सिंह और सैनी के बीच हुई मुलाकात सीईओ के अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के साथ हुए समझौते का हिस्सा थी।
पत्र में यह भी कहा गया कि सीईओ वीके सिंह ऑन रिकॉर्ड कह रहे हैं कि डीजीपी सैनी चुनाव आयोग की ट्रांसफर गाइडलाइंस के अधीन नहीं आते। उनका यह व्यवहार सही नहीं है। इसलिए जरूरी है कि वीके सिंह से जवाब तलब करते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव को सुनिश्चित बनाया जाए।
उल्लेखनीय है कि खैहरा ने ही डीजीपी सैनी के तबादले की मांग करते हुए एक शिकायत पत्र चुनाव आयोग को भेजा था। इस पर आयोग ने पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। सरकार ने डीजीपी के पक्ष में रिपोर्ट दी और इसी को लेकर अब यह आरोप सामने आए हैं। इस बारे में सीईओ वीके सिंह से संपर्कनहीं हो पाया।