पूनम ने बताया कि वे गांव का विकास करवाकर उसकी सूरत बदल देंगी और गांव को मॉडल रूप देंगी। गांव के अंदर पार्क, बच्चों के लिए झूले, व्यायामशाला, सीवर व्यवस्था, टूटी सड़कों की मरम्मत कराने के साथ ही नई सड़कें बनवाएंगी। जगह-जगह कूड़ेदान भी लगवाए जाएंगे। स्कूल में अध्यापकों की कमी है तो वो भी सरकार से मांग कर पूरी करवाई जाएगी।
परिवार का मिला पूरा सहयोग
पूनम शर्मा ने बताया कि गांव की सीट महिला के लिए आरक्षित थी। उन्होंने पति डॉ. अभिषेक शर्मा से इच्छा जताई कि वे चुनाव लड़ना चाहती हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने भी कहा कि आप पढ़ी लिखी व सक्षम हैं। पति, सास, ससुर, चाचा ससुर योगेश शास्त्री ने उनका पूरा सपोर्ट और मार्गदर्शन भी किया। हर पहलू पर विचार कर चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
जिले में 166 महिलाएं संभालेंगी चौधर
जिले के अंदर 340 गांवों में से 166 गांवों में महिलाएं चौधर संभालेंगी। इनमें 27 महिलाओं ने स्नातक किया है जिनमें तीन ने स्नातकोत्तर तक पढ़ाई की है। गांव डिगरोता की पूनम शर्मा ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (एमटेक), गणियार गांव की सुनीता और दुबलाना से आशा रानी ने स्नातकोत्तर तक पढ़ाई की है। इसके अलावा शेष नवनिर्वाचित महिला सरपंच आठवीं, दसवीं और 12वीं तक पढ़ाई की है।