आंध्रप्रदेश में एक चम्मच गधी के दूध की कीमत 50 रुपये है और 2000 रुपये लीटर। पूजा दिल्ली से मेले में आई हैं। उन्होंने बताया कि यह साबुन यूरोपियन देशों में बहुत प्रसिद्ध है और वहां लोग गधी के दूध से बने साबुन से नहाते हैं। भारत में गधों का ज्यादा इस्तेमाल सिर्फ बोझा ढोने के लिए किया जाता है। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में गधे पालने वालों से संपर्क किया और उन्हें जागरूक किया।
भारत में पहली बार इस तरह का कांसेप्ट आया है। अब तक वे 1500 साबुन बेच चुके हैं। विदेशों में साबुन भेजा गया है। गधे पालने वालों की कमाई कई गुना ज्यादा बढ़ गई है। लोगों को यह साबुन काफी पसंद आ रहा है। आने वाले दिनों में वे फेसवॉश, फेसक्रीम व मोस्चराइजर भी मार्केट में लाने वाले हैं।