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मोहाली के पहले मेयर के लिए सियासी हलचल तेज

Thu, 06 Aug 2015 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, मोहाली
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शहर के पहले मेयर पर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद से सियासी हलचल तेज हो गई है। किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, हर कोई जोड़-तोड़ में लगा है। इस बीच बुधवार को कांग्रेस और आजाद ग्रुप ने अपना गठबंधन फार्मूला भी फाइनल कर लिया है।
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हालांकि, ये सिरे चढ़ेगा या नहीं, इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। सूत्रों के मुताबिक, आजाद ग्रुप के कन्वीनर और कांग्रेस विधायक बलबीर सिद्धू के बीच गठबंधन को लेकर पूरी बातचीत फाइनल हो गई है। इतना ही नहीं, दो निर्दलीय पार्षदों मनजीत सेठी और हरविंदर कौर लंग के साथ भी सब कुछ तय हो गया है। इस फार्मूले के तहत आजाद ग्रुप, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद मिल कर मेयर बनाएंगे।

विधायक सिद्धू को मिला कर इस गठबंधन के 27 वोट हो जाएंगे। इसके बाद ये आसानी से अपना मेयर बना सकेंगे। सभी पक्षों के बीच हुए समझौते के तहत कुलवंत सिंह मोहाली के पहले मेयर बनेंगे। सीनियर डिप्टी मेयर का पद कांग्रेस को दिया जाएगा। पार्टी ने इसके लिए सीनियर लीडर और सिद्धू के खासमखास रिशव जैन का नाम भी तय कर दिया है। मनजीत सेठी को डिप्टी मेयर का पद दिया जाएगा।
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ढाई साल बाद मेयर कांग्रेस का होगा। तब इस पद पर रिशव जैन काबिज होंगे। तब सीनियर डिप्टी मेयर पद आजाद ग्रुप को दिया जाएगा। डिप्टी मेयर पद का फैसला दोनों निर्दलीय पार्षदों पर छोड़ा गया है। ढाई साल बाद सहमति बने तो हरविंदर कौर लंग डिप्टी मेयर बन सकती हैं।

तीनों पक्षों की ओर से  बातचीत फाइनल हो चुकी है। पर कांग्रेसियों को अंदरखाते यह भी आशंका है कि कुलवंत सिंह ऐन मौके पर फैसला बदल भी सकते हैं। कुलवंत ने अकाली दल छोड़ कर आजाद ग्रुप बनाया था। ऐसे में इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता कि उनकी दोबारा अकाली दल के साथ कोई डील हो जाए।

आजाद ग्रुप हिमाचल में
आजाद ग्रुप के सभी पार्षद बुधवार को भी हिमाचल में रहे। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें बड़ोग से कसौली ले आया गया। नगर निगम के मेयर पद का चुनाव होने तक सभी पार्षद हिमाचल प्रदेश में ही रहेंगे। दिलचस्प बात यह है कि रोजाना पार्षदों का ठिकाना भी बदला जा रहा है।
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कुलवंत सिंह पूरी तरह ऐहतियात बरत रहे हैं कि सत्ताधारियों को किसी भी हालत में उनके पार्षदों का ठिकाना न पता चले।
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