चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की ओर से फ्लैट धारकों को भेजे जा रहे ध्वस्तीकरण नोटिसों ने शहर की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। हजारों परिवारों में फैली चिंता के बीच सोमवार को आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेता एकजुट होकर बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप कुमार से मिले और कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंद्र पाल मल्होत्रा, कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी, आप के प्रदेश अध्यक्ष विजय पाल सिंह और पार्षद हरदीप सिंह समेत अन्य नेता शामिल रहे। नेताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में फ्लैट मालिकों को नोटिस भेजे जाने से लोगों में भय और असमंजस की स्थिति है। कई परिवार यह नहीं समझ पा रहे कि आगे क्या कदम उठाएं। नेताओं के अनुसार बोर्ड ने फ्लैटों में अतिरिक्त निर्माण और आंतरिक बदलाव को लेकर कार्रवाई शुरू की है। नोटिसों में कथित अवैध निर्माण हटाने और संभावित खर्च के लिए राशि जमा कराने का उल्लेख है। गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि वर्षों से निवासी जरूरत के अनुसार छोटे बदलाव करते रहे हैं, इसलिए एकमुश्त समाधान योजना लाई जानी चाहिए। मल्होत्रा ने साफ नीति बनने तक नोटिस प्रक्रिया पर रोक की मांग की, जबकि विजय पाल सिंह ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। सीईओ प्रदीप कुमार ने मामले की समीक्षा कर संतुलित समाधान का आश्वासन दिया।