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एमएसपी कमेटी: हरियाणा और पंजाब में गरमाई सियासत, किसान नेता बोले- अनदेखी बर्दाश्त नहीं, राघव चड्ढा ने रद्द करने की मांग उठाई

Tue, 19 Jul 2022 11:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि कमेटी से पंजाब को बाहर करना न केवल अनुचित है, बल्कि संघवाद के सिद्धांतों का भी उल्लंघन है।
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किसान आंदोलन की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र की एमएसपी कमेटी को लेकर पंजाब और हरियाणा में सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के साथ शिअद, कांग्रेस ने कमेटी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई है। किसान नेताओं ने भी कमेटी में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की अनदेखी करने की कड़ी आलोचना की है।

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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को एमएसपी पर कमेटी से पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों को बाहर करने के केंद्र की भाजपा सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कमेटी को रद्द करने के लिए राज्यसभा के सभापति को पत्र भी लिखा है। राघव चड्ढा ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि कमेटी से पंजाब को बाहर करना न केवल अनुचित है, बल्कि संघवाद के सिद्धांतों का भी उल्लंघन है।

शिरोमणि अकाली दल ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कमेटी का पुनर्गठन करने, जिसमें पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कृषि विशेषज्ञों सहित सभी हितधारकों को शामिल करने की मांग की है। अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सरकार को उन सदस्यों को नामित करने से बचना चाहिए था, जो कृषि कानूनों के निर्माता थे। 

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कमेटी में अलग-अलग मानसिकता और दृष्टिकोण वाले सदस्य होना समय की आवश्यक मांग है और हमें अब कृषि कानूनों से परे सोचने की जरूरत है, जिन्हें रद्द कर दिया गया है और किसान समुदाय की इच्छा के अनुसार बदलाव लाने की जरूरत है। हमें इसे पहले सिरे से शुरू करने की जरूरत है।

केंद्र द्वारा एमएसपी को लेकर गठित की गई कमेटी में कृषि आंदोलन के जनक पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है। केंद्र के इस फैसले का विरोध सड़कों पर उतरकर किया जाएगा। किसानों को लेकर केंद्र का अभी तानाशाही का रवैया बना हुआ है। - रतनमान, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) हरियाणा।

पंजाब ने ऐसी कमेटी की मांग नहीं की थी। किसान सिर्फ एमएसपी आधारित कमेटी की मांग कर रहे थे। कमेटी गठन में कुछ ऐसे बिंदु रखे गए हैं जो एमएसपी को लेकर कोई भी काम नहीं कर पाएंगे। केंद्र फिर अपने पुराने रवैये पर काम कर रहा है। जल्द ही संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बुलाकर कमेटी को लेकर चर्चा की जाएगी।  - हरिंदर सिंह लक्खोवाल, किसान नेता, पंजाब।

महिला किसान यूनियन ने कृषि कमेटी के एजेंडे का किया विरोध
महिला किसान यूनियन की प्रधान राजविंदर कौर राजू ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर केंद्र सरकार द्वारा गठित ‘सरकारी समिति’ को खारिज करते हुए मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि किसानों के हितों के खिलाफ जारी ताजा अधिसूचना में भाजपा की बिल्ली थैले से बाहर आ गई है और यह पार्टी किसी भी तरह से किसानों का कल्याण नहीं चाहती है। राजविंदर कौर ने कहा कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की इस अधिसूचना से पहले संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसानों के प्रति मोदी सरकार की मंशा को लेकर जो भी शंकाएं व्यक्त की गई थी वह सच साबित हो गई हैं क्योंकि केंद्र ने इस आधिकारिक समिति की प्रस्तावना और एजेंडे में एमएसपी पर कानून बनाने का कोई जिक्र नहीं किया, जिसके कारण एमएसपी कानून बनाने पर कोई सुझाव और विचार ही नहीं किया जा सकेगा। 
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