हरियाणा में प्रवासी श्रमिकों को लेकर सियासत गर्मा गई है। सूबे के गृह मंत्री अनिल विज की ओर से राहुल गांधी को लेकर की जा रही बयानबाजी के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा भी खुल कर मैदान में आ गई हैं। सैलजा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बिना तैयारियों के अचानक से लगाए गए लॉकडाउन के कारण आज हरियाणा में लाखों श्रमिक, गरीब, किसान और व्यापारी त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने 28 मई को सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक देशव्यापी स्तर पर ऑनलाइन 'अभियान स्पीक अप इंडिया' चलाने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाई जाएगी और सरकार से अपील की जाएगी कि वह संकट की इस घड़ी में लोगों को राहत देने के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल करे।
कुमारी सैलजा ने कहा कि आज लाखों श्रमिकों का रोजगार छिन चुका है। रोजगार खत्म हो जाने की वजह से और वेतन न मिलने के कारण उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं है और न ही रहने का कोई ठिकाना है। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा इन श्रमिकों के लिए कोई राशन, खाना, जरुरी चीजों और किसी भी राहत का कोई उचित प्रबंध नहीं किया गया। पहले इन श्रमिकों को उनके घरों पर भेजने के लिए सरकार द्वारा कोई इंतजाम नहीं किए गए।
इधर विज हुए आक्रामक
कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा द्वारा श्रमिकों के मामले में लगाए गए आरोपों पर गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि हरियाणा कोरोना राहत फंड में योगदान देने के लिए सभी से अपील की गई थी। कांग्रेस पार्टी ने जब इस फंड में कुछ राशि का योगदान दिया तो उससे पहले तो कई रेलगाड़ियों व बसों के माध्यम से लोगों को भेजा जा चुका था। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने साधनों व प्रयासों से हर किसी इच्छुक मजदूर को भेजने की पूरी कोशिश की है। अगर अब भी कोई शेष रह गया है तो उसे भी भेजा जा रहा है।