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सिर्फ सियासी कांफ्रेंस नहीं, आंदोलन का होगा आगाज ः जगमीत बराड़

Tue, 17 May 2016 08:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
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पूर्व सांसद जगमीत बराड़ - फोटो : file
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कांग्रेस से निष्कासित पूर्व सांसद जगमीत बराड़ ने कहा है कि बदलाव का इंकलाब अंगड़ाई ले रहा है। 21 को चप्पड़चिड़ी में पंजाबियत का महाकुंभ लगेगा।
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यह सिर्फ सियासी कांफ्रेंस नहीं होगी, बल्कि आंदोलन का आगाज होगा। सरबत केभले, नशे और खेती संकट से पंजाब को निकालने को प्रोग्राम देंगे।

मीडिया से बातचीत में जगमीत ने कहा कि यह कांफ्रेंस किसी निजी मिशन पर नहीं है। लोग चाहे जितने आएं, फर्क नहीं पड़ता। लेकिन उम्मीद है कि सारा पंजाब ही आएगा और कांफ्रेंस ऐतिहासिक होगी।

इसकी तैयारी के लिए वह 60 हलकों का दौरा कर चुके हैं, बाकी 57 हलकों का दौरा भी 15 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। उसके बाद अगले प्रोग्राम का एलान करेंगे। छह लोकसभा हलकों केकई नेता उनके संपर्क में हैं और साथ हैं। बराड़ ने कहा कि अब तक जिन 60 हलकों का उन्होंने दौरा किया है, वहां आप की काफी हवा है।
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एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी यह लहर आप से जुड़ सकती है। क्योंकि 90 प्रतिशत मुद्दों पर विचारधारा समान है। सिर्फ एक बात पर वह सहमत नहीं हैं कि आप भी कह रही है कि सत्ता में आने के बाद ही मसले हल करेगी।

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर कांग्रेस में दोबारा नहीं जाएंगे। कैप्टन पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रधान कह रहे हैं कि सत्ता में लाओ फिर कर्ज माफ करेंगे। प्रशांत किशोर और कैप्टन के मतभेद सबके सामने हैं।

कैप्टन ने परंपरागत लोगों को नजरंदाज कर ऐसे सौ लोगों को पद दिए जो दूसरी पार्टियों से आए थे। कैप्टन अपने मेनिफेस्टो केजरिए फिर झूठ बोलना चाहते हैं।

सीएम प्रकाश सिंह बादल ने संगत दर्शनों में अपने करीबियों को करोड़ों रुपये बांट दिए, लेकिन किसानों केलिए कोई नीति नहीं बना पाए। बादल परिवार ने पंजाब को बीमारू राज्य बना दिया है। बीर दविंदर सिंह के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनका राजनीतिक फैसला होगा कि कांग्रेस में वापस जाएंगे या हमसे जुड़ेंगे।
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किसान की बेटी की पढ़ाई का उठाएंगे खर्च
जगमीत बराड़ ने कहा कि संगरूर के गांव हल्लो ताली के किसान सुखबीर सिंह ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने उसकी बेटी बंधनप्रीत कौर से मिलकर शोक जताया। साथ ही उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का वादा किया है। 22 मई को सुखबीर की अंतिम अरदास है। उसी दिन वह इस साल की पढ़ाई केखर्च का चेक परिवार को देंगे। बराड़ ने धार्मिक डेरों से अपील की कि उनके पास अरबों की संपत्ति है, किसानों की मदद को आगे आएं।
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