चंडीगढ़। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यूटी पुलिस विभाग ने अपने मुलाजिमों के लिए टीका लगवाना अनिवार्य किया था। अब तक 85 फीसदी मुलाजिमों ने टीके की दोनों खुराक लगवा ली है। दूसरी ओर, अस्वस्थ व डॉक्टर की सलाह समेत अन्य कारणों से 15 फीसदी मुलाजिमों का टीकाकरण अभी नहीं किया जा सका है। वहीं, 512 संक्रमितों में से सिर्फ एक पुलिसकर्मी ही संक्रमित बचा है।
पुलिस विभाग में कोरोना काल के दौरान 512 मुलाजिम संक्रमित पाए गए, लेकिन पिछले एक महीने से काफी कम केस आने पर विभाग ने राहत की सांस ली है। मार्च 2020 के बाद से कोरोना की चपेट में डीजीपी संजय बेनीवाल, एसपी सिटी विनीत कुमार, एसपी मनोज कुमार मीणा, डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल, डीएसपी राजीव अंबस्ता, इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह, इंस्पेक्टर चिरंजी लाल, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत अन्य पुलिसकर्मी आ गए थे। लगातार केस बढ़ने की वजह से थानों और यातायात पुलिस को कोरोना से बचने को लेकर एहतियात बरतने को कहा गया था। इसके साथ ही सेक्टर-61 चौकी, पंजाब यूनिवर्सिटी पुलिस बीट बॉक्स, मलोया थाना, सेक्टर-26 पुलिस लाइन, पुलिस मुख्यालय तक को सील कर दिया गया था। इसके बाद बीते 3 फरवरी को सेक्टर 26 पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों का टीकाकरण शुरू हुआ।
टीकाकरण के लिए चला जागरूकता अभियान
बता दें कि सेक्टर-26 पुलिस लाइन के मल्टीपर्पज हॉल के अलावा अन्य जगहों पर कोविड-19 टीकाकरण के फायदे और अफवाहों से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया था। इसका मकसद था कि ज्यादा से ज्यादा पुलिसकर्मियों का टीकाकरण हो और उनकी सेहत बेहतर रहे। लगातार चल रहे अभियान में कई पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें टीके से होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में बताया गया था।