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गैंगस्टर दिलप्रीत बावा को आज चंडीगढ़ नहीं ला सकेगी पुलिस

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माई सिटी रिपोर्टर
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चंडीगढ़। बीते सप्ताह शहर में हुई तीन बड़ी वारदातों में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। औद्योगिक क्षेत्र में सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या, बुड़ैल में सोनू शाह हत्या मामले के गवाहों को गोली मारने की कोशिश और सेक्टर-9 स्थित एसको बार के बाहर टिकटॉक स्टार सौरव गुर्जर को गोली मारकर घायल करने के मामले में अब तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या के मामले में पंजाब जेल में बंद गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बावा का नाम सामने आया था। चंडीगढ़ पुलिस सोमवार को उसे प्रोडक्शन वारंट पर शहर लाने वाली थी लेकिन पटियाला पुलिस की गिरफ्त में होने के चलते उसे सोमवार को लाना संभव नहीं है। सूत्रों की मानें तो इसी सप्ताह उसको प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाया जा सकता है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के बाद गुरलाल की हत्या से पर्दा उठ सकता है। बता दें कि दविंदर बंबीहा गुट ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर गुरलाल की हत्या की जिम्मेदारी ली थी और कहा था कि विदेश में बैठे गौरव पटियाल उर्फ लकी नाम के शख्स ने गैंगस्टर लॉरेंस के करीबी गुरलाल बराड़ की हत्या करवाई है।
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सूत्रों के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया था कि नाभा जेल में बंद गैंगस्टर दिलप्रीत को गुरलाल की हत्या करवाने का काम सौंपा गया था। दिलप्रीत के प्रोडक्शन वारंट पर आने के बाद ही पता चल पाएगा की आखिरकार गुरलाल की हत्या में किसका हाथ है। बता दें कि बीते 10/11 अक्टूबर की देर रात सोपू नेता गुरलाल बराड़ (26) की फार्च्यूनर गाड़ी में ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था। हत्या के बाद तीन शूटर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे।
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वहीं, गुरलाल की हत्या के अगले ही दिन रविवार रात बुडैल के सोनू शाह हत्या मामले में गवाह प्रवीण और तीरथ सिंह को गोली मारने के प्रयास के मामले में आरोपी मोंटी शाह अब तक फरार है। यूटी पुलिस ने मोंटी शाह पर 50 हजार का इनाम भी रखा है। इसके अलावा सेक्टर-9 के एसको बार के बाहर टिकटॉक स्टार सौरव गुर्जर को गोली मारने के आरोपियों की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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