चंडीगढ़। सुरजीत हत्याकांड के मामले में संजीव महाजन से दो दिन की पूछताछ में पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लगा है। अब पुलिस संजीव का नारको टेस्ट करवाएगी। इसके लिए कोर्ट में पुलिस की ओर से आवेदन दे दिया गया है। पुलिस का कहना है कि संजीव ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया। कुछ कड़ियां हैं जो इशारा तो संजीव की ओर कर रही हैं, लेकिन वह आपस में जुड़ नहीं पा रहीं। इसलिए सच जानने के लिए पुलिस अब विज्ञान का सहारा लेगी। नारको टेस्ट पर सुनवाई मंगलवार को होनी है।
रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि सुरजीत फाइनेंस का काम करता था। जिन लोगों को उसने पैसे दिए थे, उनमें से 9 लोगों की गाड़ियां उसने अपने पास रखी हुई थीं। संजीव को इस बात की जानकारी भी थी। सुरजीत की हत्या के बाद संजीव महाजन इन सभी गाड़ियों को उठा लाया था। इन गाड़ियों से मिले करीब 15 लाख रुपये भी उसने ऐंठ लिए थे।
थाने में एडिशनल एसएचओ को देने गया था बधाई
रिमांड के दौरान आरोपी संजीव ने बताया कि मलोया थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर को एडिशनल एसएचओ बनाया गया था। इसी की बधाई देने के लिए मलोया थाने आया था। इसके बाद अपने घर चला गया, जैसे ही घर पहुंचा तो उसे सेक्टर 38 वेस्ट में सुरजीत की हत्या की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंच गया था। उसका कहना है कि वह उसे जानता था इसलिए वह मौके पर पहुंचा था। उसने पुलिस को कहा कि उसका इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस का शक इसलिए गहराया
संजीव महाजन ने पुलिस को बयान दिया था कि उसकी सुरजीत से अक्सर बात होती थी। हत्या वाले दिन भी रुटीन बातचीत हुई थी। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि यह बात उसके दो दोस्तों को भी पता है, जो सुरजीत को भी जानते थे। पुलिस ने जब उसके दोस्तों को बुलाया तो उन्होंने ऐसी बात से इनकार कर दिया। संजीव व दोस्तों के बयान मैच नहीं होने पर पुलिस का शक और गहरा गया है। इसलिए पुलिस अब संजीव का नारको टेस्ट करवाना चाहती है।