चंडीगढ़। सेक्टर-38 ए में पुलिस ने रविवार सुबह बुलडोजर चलाकर नशा तस्करों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया। पुलिस ने नशा तस्करों के कई ठिकानों के साथ-साथ चार अवैध धार्मिक स्थलों को भी ध्वस्त कर दिया, जिनका इस्तेमाल नशा खरीदने वाले लोगों के इकट्ठा होने के लिए होता था। यहां लग्जरी कारों में दूर-दूर से लोग नशा खरीदने आते थे। मौजूदा कार्रवाई को अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई माना जा रहा है।
इलाके में नशे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए पहले भी कुछ प्रयास किए गए थे। सेक्टर-39 के पूर्व एसएचओ चिरंजी लाल ने कॉलोनी के बाहरी हिस्से में फेंसिंग लगवाई थी और गड्ढे खुदवाए थे जिससे तस्करों का आना-जाना कम हुआ था। सेक्टर-39 थाने के एसएचओ राम दयाल और सेक्टर-56 पुलिस चौकी के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर कुलदीप के नेतृत्व में यह सारी कार्रवाई हुई। उधर, सेक्टर-38 ए में रहने वाली मीना धवन ने बताया कि कॉलोनी में पिछले 30 साल से नशे का धंधा चल रहा है। पहले यहां नशा खरीदने वालों की लंबी लाइनें लगती थीं, जिनमें लड़कियां भी शामिल थीं। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद अब कोई भी संदिग्ध व्यक्ति इलाके में नजर नहीं आ रहा है। वहीं, एक महिला तस्कर ने मानवाधिकार आयोग और एसएसपी को पुलिस के खिलाफ परेशान करने की शिकायत दी है।
एफआईआर के बाद कालका में कर रहे नशे का धंधा
एसएसपी कंवरदीप कौर के निर्देश पर सेक्टर-38ए और डी के 27 नशा तस्करों के खिलाफ गुप्त एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, ये सभी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इनमें 19 आरोपी सेक्टर-38 ए के रहने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक इनमें से तीन तस्कर कालका में नशे का धंधा चला रहे हैं। पुलिस ने अभी तक 103 आरोपियों को गिरफ्तार किया है लेकिन ये सभी बाहरी लोग हैं जो नशा खरीदने आते थे। एसएचओ रामदयाल ने बताया कि अगर नशे की मांग ही खत्म हो जाएगी तो इसकी बिक्री भी रुक जाएगी। उन्होंने युवाओं से पढ़ाई पर ध्यान देने और नशे से दूर रहने की अपील की है।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
इलाके में बिक रहे नशे के मुद्दे पर स्टिंग ऑपरेशन कर नशे के कारोबार के कोड वर्ड सिस्टम का खुलासा किया गया था। 15 मई को बड़े ही सिस्टम से बिकता है सिस्टम..शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद लगातार शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिक रहे नशा का खुलासा किया था।
नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। अब भी नशे का कारोबार बंद नहीं हुआ तो उनके मकान तोड़े जाएंगे। नशे के कारोबारियों के लिए शहर में कोई पनाह नहीं है। -कंवरदीप कौर, एसएसपी
पुलिस ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कारवाई जारी रखे। पुलिस को हमारा पूरा सहयोग है। पुलिस को ड्यूटी मजिस्ट्रेट, ध्वस्तीकरण दस्ता, मशीनरी और अन्य आवश्यक संसाधनों सहित पूरा सहयोग मिलेगा। -निशांत कुमार यादव, डीसी चंडीगढ़